लखनऊ में ट्रिपल मर्डर के बाद परिवार की 4 मांगें, डिप्टी सीएम ने क्या-क्या देने का भरोसा दिया?
लखनऊ के सआदतगंज में कार पार्किंग विवाद में तीन लोगों की हत्या के बाद तनाव बना हुआ है. भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर पूरे थाने के स्टाफ को हटाने, आरोपियों को मौत की सजा देने और उनके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की.
ADVERTISEMENT

लखनऊ के सआदतगंज इलाके में कार पार्किंग के विवाद में तीन लोगों की हत्या के बाद तनाव बना हुआ है. गुस्साए भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया. उनकी मांग थी कि पूरे थाने के स्टाफ को हटाया जाए, आरोपियों को मौत की सजा मिले और उनके घर को बुलडोजर से गिराया जाए.
इस बीच, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. पाठक ने कहा कि केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी और आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी. परिवार को जीवनभर सुरक्षा देने, एक सदस्य को नगर निगम में अधिकारी स्तर पर सरकारी नौकरी दिलाने और पीड़ित की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने का भी आश्वासन दिया गया.
उधर, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने आरोपियों के घर को सील कर दिया. प्राधिकरण के मुताबिक, मकान का नक्शा पास नहीं था. इसके बाद घर की बाउंड्रीवॉल भी गिरा दी गई. कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ लोगों ने 'योगी बाबा जिंदाबाद' के नारे लगाए.
6 आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल और कारतूस बरामद
पुलिस ने मंगलवार को ट्रिपल मर्डर केस में छह लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस के बयान के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋषभ शुक्ला (29), सतीश शुक्ला (69), गिरीश कुमार शुक्ला (78), दिनेश शुक्ला उर्फ छुन्ना (62), प्रिया शुक्ला (38) और अदिति शुक्ला (24) के रूप में हुई है.
पुलिस ने ऋषभ शुक्ला के पास से एक अवैध पिस्टल, छह जिंदा कारतूस और दो मैगजीन बरामद की हैं. अदिति शुक्ला के पास से आईफोन-17 भी मिला है.
इससे पहले पुलिस ने बताया था कि मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके पास से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और चार खोखे बरामद हुए थे. पुलिस उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए अदालत में पेश करने वाली थी.
परिवार ने रखीं मांगें, पुलिस पर भी कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सआदतगंज थाने के पूरे स्टाफ को हटाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस महानिदेशक (DGP) को मौके पर बुलाने की मांग भी की.
मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया. पुलिस ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की.
पीड़ित परिवार ने क्या मांग की?
मृतक शिवाजी तिवारी की बेटी ने अपनी मां के लिए सरकारी नौकरी, परिवार की बच्ची की मुफ्त पढ़ाई और आरोपियों के घर को गिराने की मांग की. उसने आरोप लगाया कि मकान नजूल की जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है. परिवार की ओर से आरोपी को एनकाउंटर में मारने की मांग भी की गई.
ब्रजेश पाठक ने परिवार को भरोसा दिया कि उसकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जिलाधिकारी विशाख जी को पीड़ित की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए जरूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया. परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में विशेष कार्याधिकारी (OSD) स्तर की नौकरी दिलाने और सभी जीवित परिजनों को जीवनभर सुरक्षा देने का भी आश्वासन दिया गया.
इन आश्वासनों के बाद मंगलवार को तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया. इससे पहले परिजन और स्थानीय लोग शव घर पहुंचने के बाद प्रदर्शन कर रहे थे.
26 अक्टूबर को कार पार्किंग के विवाद में हुई थी हत्या
लखनऊ के सआदतगंज इलाके के ब्राह्मणी टोला में सोमवार, 26 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था. विवाद खाली प्लॉट पर कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ. इसी दौरान कथित तौर पर गोलीबारी हुई, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई.
मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और शिवेंद्र के बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई. शिवाजी तिवारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में लखनऊ के जिला सह-कार्यवाह थे. तीनों को इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
ये भी पढ़ें- लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस पर IPS तरुण गाबा का तगड़ा एक्शन, किन-किन लोगों पर गिरी गाज?
