'इनकी क्या गारंटी है?' धर्मेंद्र कश्यप को लेकर पूछा गया सवाल, अखिलेश ने दिया जवाब
भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव ने उन नेताओं के दोबारा पार्टी छोड़ने की आशंका पर जवाब दिया, जो पहले सपा में रहकर भाजपा में चले गए थे.
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समाजवादी पार्टी (सपा) में भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के शामिल होने के बाद अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया कि जो नेता पहले भी सपा में रह चुके हैं और बाद में भाजपा में चले गए, उनके दोबारा पार्टी नहीं छोड़ने की क्या गारंटी है?
इस पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाला व्यक्ति अपना मन बनाकर आता है और पार्टी छोड़ने वाला भी सोच-समझकर ही जाता है. उन्होंने भरोसा जताया कि सपा अपने नए साथियों को इतना सम्मान देगी और उन्हें पीडीए की ताकत से जोड़ेगी कि वे पार्टी छोड़कर नहीं जाएंगे.
अखिलेश यादव ने कहा कि धर्मेंद्र कश्यप पहले किन परिस्थितियों में सपा छोड़कर गए थे, यह बात सवाल पूछने वाले को नहीं पता है. उनके मुताबिक, धर्मेंद्र कश्यप पार्टी छोड़कर नहीं जाना चाहते थे, लेकिन कुछ राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उन्हें जाना पड़ा. अखिलेश ने कहा कि आगे सपा में शामिल होने वाले नेताओं को पार्टी अपने साथ बनाए रखेगी और उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा.
धर्मेंद्र कश्यप के सपा छोड़ने की चर्चा क्यों हुई थी?
धर्मेंद्र कश्यप का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है. वह पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में थे. 2002 में बसपा के टिकट पर विधायक बने. इसके बाद समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और 2007 में सपा के टिकट पर दोबारा विधायक चुने गए. मुलायम सिंह यादव की सरकार में उन्हें दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया था. मई 2013 में वह बीजेपी में चले गए.
बीजेपी में रहते हुए धर्मेंद्र कश्यप ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बरेली जिले की आंवला सीट से जीत दर्ज की. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें सपा के नीरज मौर्य से हार का सामना करना पड़ा.
राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद छोड़ी बीजेपी
धर्मेंद्र कश्यप के भाजपा छोड़ने की चर्चा तब तेज हुई, जब पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी की और उसमें उनका नाम नहीं था. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर समुद्र किनारे डूबते सूरज की तस्वीर के साथ ‘टाटा बाय-बाय’ लिखा. 11 अक्टूबर को उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. 27 अक्टूबर को वह औपचारिक रूप से सपा में शामिल हो गए.
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