अखिलेश-आजम की मुलाकात पर आ गया भाजपा का रिएक्शन, विनोद तावड़े ने किया चौंकाऊ दावा
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात पर बीजेपी ने हमला बोला है. बीजेपी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश को अपने पुराने नेताओं की याद आ रही है.
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खान की मुलाकात को लेकर सियासत तेज हो गई है. रामपुर जेल में आजम खान से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव पर बीजेपी ने निशाना साधा है.
बीजेपी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही अखिलेश को अपनी पार्टी के उन नेताओं की याद आ रही है, जिन पर वह तुष्टीकरण और अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हैं.
तावड़े ने कहा कि दंगा और अराजकता फैलाने वालों के सहारे समाजवादी पार्टी का PDA का सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने आजम खान को गृह मंत्री बनाने की सपा की कथित सोच पर भी हमला बोला और कहा कि ऐसा सपना उत्तर प्रदेश को विकास से विनाश की ओर ले जाने वाला है.
अखिलेश के रामपुर पहुंचने पर क्यों शुरू हुई सियासत?
अखिलेश यादव ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को रामपुर जिला जेल में आजम खान से मुलाकात की. इसके बाद वह आजम खान के घर पहुंचे और उनके परिवार से भी मिले. अखिलेश ने मुलाकात को राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक रिश्ता बताया. उन्होंने आजम खान और उनके परिवार के साथ अन्याय होने का आरोप भी लगाया.
मुलाकात इसलिए चर्चा में है क्योंकि आजम खान समाजवादी पार्टी के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर रामपुर और आसपास के इलाकों में उनका लंबे समय तक राजनीतिक प्रभाव रहा है. 2027 के चुनाव से पहले सपा के लिए अपने पुराने नेताओं और समर्थकों के साथ संबंध मजबूत रखना भी अहम है.
सपा सरकार के दंगों का जिक्र कर क्या बोले तावड़े?
विनोद तावड़े ने अपने बयान में सपा की पिछली सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को याद है कि सपा सरकार के दौरान पश्चिम यूपी समेत पूरे प्रदेश में दंगे और अराजकता का माहौल था. उनके मुताबिक, जेल में जाकर ऐसे नेताओं से मिलना समाजवादी पार्टी की प्राथमिकताओं को दिखाता है.
तावड़े ने आजम खान को गृह मंत्री बनाने की बात का जिक्र करते हुए भी सपा पर हमला किया. उन्होंने दावा किया कि पार्टी का सपना कभी पूरा नहीं होगा.
2027 चुनाव से पहले आजम खान क्यों हैं चर्चा में?
आजम खान लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में रहे हैं. वह रामपुर से कई बार विधायक और सांसद चुने गए और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में उनकी राजनीतिक पकड़ को सपा के लिए अहम माना जाता रहा है.
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पैन कार्ड से जुड़े मामले में रामपुर जेल में बंद हैं. दोनों को इस मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी. अखिलेश यादव की मुलाकात से पहले आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा भी लखनऊ में सपा अध्यक्ष से मिली थीं.
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