मानहानि केस में राहुल गांधी को बड़ी राहत, सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट ने किया दोषमुक्त
सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े 6 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी को दोषमुक्त (बरी) कर दिया है. जानिए पूरा घटनाक्रम.
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सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने लोकसभा में LOP राहुल गांधी के खिलाफ छह साल पुराने मानहानि मामले में अपना फैसला सुना दिया है. आपको बता दें कि इस मामले में कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषमुक्त किया है. यह पूरा विवाद साल 2018 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को लेकर की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है.
साल 2018 में शुरू हुआ था विवाद
ये मामला 8 मई 2018 का है. कर्नाटक में चुनाव थे. राहुल गांधी बेंगलुरु में चुनाव प्रचार करने गए थे. तभी उन्होंने अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी की थी. उस समय अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. इस बयान से नाराज होकर 4 अगस्त 2018 को बीजेपी नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी.
कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को किया था राहुल को तलब
मालूम हो कि सुल्तानपुर की अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था. इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और सरेंडर कर दिया जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी. आगे चलकर 26 जुलाई 2024 को राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया और 9 अक्टूबर 2024 को शिकायतकर्ता विजय मिश्रा की गवाही हुई.
साल 2025 में 28 फरवरी और 8 दिसंबर को शिकायतकर्ता के दो गवाह अनिल मिश्रा और रामचंद्र दुबे की गवाही दर्ज की गई. इसके बाद 20 फरवरी 2026 को राहुल गांधी का बयान दर्ज हुआ. इसी बीच शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल के मिलान की मांग करते हुए कोर्ट में अर्जी दी. हालांकि मजिस्ट्रेट कोर्ट, सेशन कोर्ट और 10 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने भी उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया था.
इस मामले में 6 अक्टूबर 2026 को अंतिम बहस शुरू हुई थी और 12 अक्टूबर को अदालत में केस की पूरी सुनवाई खत्म हो गई थी. अब आज यानी 26 अक्टूबर 2026 को सुल्तानपुर की विशेष अदालत इस पुराने मानहानि मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया है.
