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विकास यादव के नाम से वोटर लिस्ट में 13 एंट्री... आजमगढ़ में अखिलेश यादव का दावा निकला सही, अब हुआ ये एक्शन!

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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के मामलों पर सियासत तेज हो गई है. अखिलेश यादव ने आजमगढ़ सदर में विकास यादव नाम के एक वोटर की कई एंट्री का मामला उठाया था. जांच में यह मामला सही पाया गया है, जिसके बाद चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है.

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UP Voter List Irregularities: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के कई मामले उजागर किए हैं. पहले सपा ने पीलीभीत में वोटर लिस्ट के अंदर हजारों वोटरों के साथ हुई धांधली का पर्दाफाश किया था, जिसे चुनाव आयोग ने सही मानते हुए कार्रवाई की थी.  और अब अखिलेश यादव के एक और दावे पर चुनाव ने कार्रवाई की है. यह मामला आजमगढ़ का है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र के 'विकास यादव' नाम के एक वोटर का मामला उठाया था. जांच में अखिलेश यादव के ये आरोप सही पाए गए हैं. इसके बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त एक्शन लेते हुए दोषी कंप्यूटर ऑपरेटर और 5 बीएलओ को काम से हटा दिया है और कई अधिकारियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं.

अखिलेश यादव ने किया था बड़ा खुलासा

15 अक्टूबर को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आजमगढ़ के विकास यादव का मामला उठाया था. उन्होंने दावा किया था कि वोटर लिस्ट में विकास यादव के नाम और जानकारी के साथ कई सारी एंट्री दर्ज हैं. 

अखिलेश यादव के आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग ने तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी थी. जांच में पता चला कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 'विकास यादव' नाम की 13 प्रविष्टियां हैं. इनमें से एक मामला चौरीचौरा (गोरखपुर) का था. आजमगढ़ की बाकी 11 एंट्री की जांच की गई, तो पता चला कि वहां 11 अलग-अलग व्यक्ति रह रहे हैं लेकिन उनमें से सिर्फ एक का वास्तविक नाम विकास यादव है. बाकी 10 लोगों के नाम और जानकारी गलत तरीके से दर्ज की गई थी.

कर्मचारियों और अधिकारियों पर बड़ा एक्शन

इस बड़ी गड़बड़ी के खुलासे के बाद एक कंप्यूटर ऑपरेटर और पांच बीएलओ को दोषी पाया गया. इन सभी को तुरंत वोटर लिस्ट के काम से हटा दिया गया है और इनकी सेवा समाप्ति का नोटिस थमा दिया गया है. इसके अलावा तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी काम में लापरवाही का दोषी मानते हुए नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं. इन पर भी विभागीय कार्रवाई होगी.

पीलीभीत में भी पकड़ी गई थी धांधली

आजमगढ़ से पहले पीलीभीत में भी वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया था. शिकायत मिलने पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने जांच कराई थी. जांच में पता चला कि पीलीभीत में 10,000 से ज्यादा ऐसे वोटरों के नाम और अन्य जानकारी बदल दी गई थी, जिनके लिए 'फॉर्म 8' भरा ही नहीं गया था. वोटर लिस्ट में किसी भी बदलाव के लिए फॉर्म 8 भरना जरूरी होता है, लेकिन यहां बिना आवेदन किए ही 10,000 से ज्यादा बदलाव ऑनलाइन कर दिए गए थे.

विपक्ष हमलावर, चुनाव आयोग के सामने चुनौती

पीलीभीत और अब आजमगढ़ में वोटर लिस्ट की धांधली सामने आने के बाद विपक्ष काफी हमलावर हो गया है. सपा नेताओं का कहना है कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है और चुनाव आयोग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. चुनाव आयोग ने अब आजमगढ़ की दूसरी विधानसभा सीटों की भी गहन जांच के निर्देश दिए हैं और एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है.