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क्या जानबूझकर लड़ रहे हैं अखिलश यादव और जयंत चौधरी? समझिए Inside स्टोरी

Aaj ka UP: आज का यूपी में अखिलेश यादव-जयंत चौधरी के बीच सियासी घमासान, सहारनपुर सपा रैली पर RLD-सपा की जुबानी जंग और इमरान मसूद के दामाद को सपा में शामिल कराने की रणनीति का विश्लेषण.

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Akhilesh yadav and Jayant
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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज की पहली खबर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच छिड़े तीखे वाकयुद्ध और इसके पीछे के सियासी गणित पर आधारित है. दूसरी खबर में जानिए कि सहारनपुर की सपा रैली रद्द होने को लेकर आरएलडी और सपा के बीच कैसे जुबानी जंग छिड़ गई है. वहीं तीसरी खबर में हम विश्लेषण करेंगे कि सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के तीखे तेवरों के बाद अखिलेश यादव ने कैसे उनके दामाद को सपा में शामिल कराकर अपनी सियासी चाल चली है.

पश्चिमी यूपी में अखिलेश-जयंत की लड़ाई

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख जयंत चौधरी के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है. 'चवन्नी को रुपया बनाया' वाले अखिलेश यादव के पुराने बयान के बाद से मामला लगातार गरमाया हुआ है.

जयंत चौधरी ने शामली में अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर उन पर व्यक्तिगत कटाक्ष किया जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं. लेकिन किसी समाज को राजनीति न आने का ताना देना सही नहीं है. दरअसल माना जा रहा है कि अखिलेश यादव पश्चिमी यूपी में गैर-जाट ओबीसी और मुस्लिम मतदाताओं का नया समीकरण साधने की कोशिश में हैं. जबकि आरएलडी इसे जाट समाज के सम्मान से जोड़कर देख रही है. इस पूरे सियासी घमासान में दिलचस्प बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) फिलहाल शांत रहकर इस जुबानी जंग को देख रही है.

सहारनपुर रैली पर RLD का तंज और सपा का पलटवार

सहारनपुर के रामपुर मनिहारण में 6 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सपा और आरएलडी आमने-सामने आ गए हैं. RLD प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने जाट समाज के दबाव में आकर अपनी रैली रद्द कर दी है.

इस पर सपा प्रवक्ता फकरुल चांद ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि सपा किसी से डरने वाली नहीं है और कोई आधिकारिक रैली रद्द नहीं हुई है बल्कि जब भी रैली होगी डंके की चोट पर होगी. वहीं आयोजक सपा नेता इंद्रसेन ने साफ किया कि खराब मौसम और मैदान में पानी भरने के कारण 6 सितंबर का कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि अखिलेश यादव अपने व्यक्तिगत जुड़ाव के चलते 2 या 3 तारीख को उनके आवास पर सहारनपुर आ रहे हैं.

इमरान मसूद के तेवरों के बाद अखिलेश का दांव

सहारनपुर में सिर्फ आरएलडी ही नहीं बल्कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस के नेताओं से भी सपा की खींचतान शुरू हो गई है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में बयान दिया था कि कांग्रेस ने सपा को जिताने का कोई ठेका नहीं ले रखा है और पार्टी 2027 के चुनाव में मजबूती से अपनी सीटें मांगेगी.

इमरान मसूद के इस कड़े रुख के तुरंत बाद अखिलेश यादव ने बड़ा सियासी दांव खेलते हुए इमरान मसूद के दामाद सयान मसूद को समाजवादी पार्टी में शामिल करा लिया. सहारनपुर दौरे से ठीक पहले अखिलेश यादव के इस कदम को इमरान मसूद को उनके ही गढ़ में घेरने और संदेश देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

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