Opinion: प्रयागराज में राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' क्यों पड़ी फीकी? जानिए योगी सरकार को घेरने में क्यों नाकाम रही कांग्रेस
Opinion: प्रयागराज में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम योगी सरकार को घेरने की कांग्रेस की कोशिश थी. लेकिन अपेक्षित असर नहीं दिखा. छात्रों की कम मौजूदगी, संगठनात्मक कमजोरी और स्पष्ट नीतिगत ब्लूप्रिंट के अभाव ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े किए.
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राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं. (Photo: Youtube/@rahulgandhi)
Opinion: उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रयागराज का स्थान हमेशा से ऐतिहासिक और वैचारिक आंदोलनों का केंद्र रहा है. देशभर से आकर सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र इस शहर को अपनी कर्मभूमि बनाते हैं. यही कारण है कि जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय हुआ तो राजनीतिक गलियारों में इसे उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ विपक्ष के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जाने लगा. कार्यक्रम का उद्देश्य भी स्पष्ट था- पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसे मुद्दों पर छात्रों के असंतोष को एकजुट कर राज्य सरकार को घेरना. लेकिन ऐसा हो नहीं सका.
