Opinion: UPITS 2026- 'लोकल से ग्लोबल' की सोच से रंग लाई CM योगी सरकार की आर्थिक नीति
Opinion: ग्रेटर नोएडा में जारी UPITS उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है. जानिए कैसे MSME और ODOP उत्पाद बन रहे हैं ग्लोबल ब्रांड.
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अब जबकि ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) को तीन दिन हो रहे हैं इसके पीछे की वैचारिक सोच पर भी बात जरूरी है. ऐसा इसलिए कि कि किसी भी राज्य के आर्थिक उभार को समझने के लिए कभी-कभी आंकड़ों से अधिक उस विचार को पकड़ना जरूरी होता है, जो आगे चलकर आंकड़ों में तब्दील होते हैं. यह विचार इस अवधारणा पर आधारित है कि किसी भी अर्थव्यवस्था को केवल उत्पादन की मात्रा से बड़ा नहीं माना जा सकता. अर्थव्यवस्था तब व्यापक विस्तार की ओर बढ़ती है, जब स्थानीय बाजार और वैश्विक बाजार के बीच की दूरी सिमटने लगती है. अर्थव्यवस्था का आकार तब बड़ा होता है, जब कोई प्रदेश अपने आप को विश्व-अर्थतंत्र का भागीदार मानने लगता है. उत्तर प्रदेश आज इसी वैचारिक मोड़ पर है. वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का जो लक्ष्य प्रदेश ने अपने सामने रखा है, वह इस सोच पर आधारित है कि विकास अब केंद्र से परिधि की ओर नहीं, बल्कि परिधि से केंद्र की ओर भी बहेगा. गांव-कस्बों का उत्पाद अब दिल्ली-मुंबई की मंडियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सिंगापुर, टोक्यो और मॉस्को के बाजारों से बात करेगा. उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी विचार का व्यावहारिक रूप है, और इसीलिए इसे आर्थिक चेतना में आ रहे बदलाव के बड़े प्रतीक के रूप में देखा जाना चाहिए.
