Opinion: लखनऊ अग्निकांड और CM योगी का संवेदनशील चेहरा... मंच छोड़ दौड़े, लिया कड़ा एक्शन
Opinion: लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड पर ओपिनियन लेख. जानिए कैसे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में अपना भाषण बीच में रोककर लखनऊ का रुख किया, पीड़ितों के आंसू पोंछे और तुरंत 4 अफसरों को सस्पेंड कर एसआईटी (SIT) जांच व गिरफ्तारियों का कड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया.
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Opinion: कुछ घटनाएं पूरे समाज की चेतना को झकझोर देती हैं और इतनी पीड़ादायी होती हैं कि उनका दंश पूरी जिंदगी भर सालता है. ऐसे में जब कोई मुख्यमंत्री शासक की अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए भी एक अभिभावक की तरह लोगों के दुःख-दर्द पर अपने मर्म भरे हाथ रखता है, तो उसमें यह भाव भी होता है कि वेदना की इस घड़ी में मैं आपके साथ हूं और यह भाव जख्मों पर शीतल मरहम की तरह लोगों का संबल बन जाता है. लखनऊ के अलीगंज में आग से जलकर 15 बच्चों की मौत ऐसी पीड़ादायक घटना है, जिसकी भरपाई तो संभव नहीं लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे समय अपनी संवेदनशीलता का जो मानवीय स्पर्श व्यथित परिजनों को दिया, वह शासन का एक जिम्मेदार चेहरा है. सत्ता के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति जब लोगों की व्यथा में उनके साथ दिखाई देता है तो न्याय की उम्मीद भी बढ़ जाती है.