Opinion: CM योगी का '3-एस मॉडल'- सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड के दम पर देश का नया निवेश हब बना उत्तर प्रदेश
Opinion: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेंगलुरु यात्रा के दौरान यूपी के लिए 50 हजार करोड़ के निवेश समझौते हुए. जानिए कैसे चाणक्य के आर्थिक सूत्रों और '3-एस मॉडल' (सेफ्टी, स्टेबिलिटी, स्पीड) के दम पर उत्तर प्रदेश अब देश का नया निवेश और जीसीसी (GCC) हब बनने की राह पर अग्रसर है.
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चाणक्य ने कहा है-‘अर्थस्य मूलं राज्यम्, राज्यस्य मूलं इन्द्रियजयः.’ आशय यह कि किसी भी राज्य की संपन्नता का मूल उसकी सुदृढ़ अर्थव्यवस्था में है और अर्थव्यवस्था का मूल नेतृत्व के अनुशासन और दृढ़ता में है. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ साल से अधिक कार्यकाल का आकलन करें तो राज्य की संपन्नता का चाणक्य सूत्र अपनी पूरी अवधारणा में साकार होता दिखाई देता है. राज्य में यदि पूंजी का प्रवाह बढ़ रहा है तो यह दीर्घकालिक संभावनाओं, सुरक्षा, स्थिरता और सुशासन की दिशा में बढ़ता हुआ कदम है. बेंगलुरु में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर होना, राज्य में पूंजी प्रवाह की श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. यह सिर्फ आर्थिक उपलब्धि ही नहीं, बदलती हुई प्रशासनिक सोच, वैश्विक मंच पर बढ़ते विश्वास और एक ऐसे राज्य का शंखनाद है जो देश के आर्थिक मोर्चे पर अब सिर उठाकर खड़ा है. ऐसा राज्य जो उपभोक्ता ही नहीं, प्रदाता व सृजनकर्ता भी है.