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अलीगढ़ में बंदरों ने चट कर ली 35 लाख की चीनी, शुगर मिल के ऑडिट रिपोर्ट में हुआ ये बड़ा खुलासा

अकरम खान

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Aligarh Sugar Mil Audit Report : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है.  आरोप भी ऐसे जिसे सुनने के बाद इंसान तो इंसान बेजुबान भी हैरत में पड़ जायेगा. मामला जब उजागर हुआ तो अधिकारी भी संशय में पड़ गए. आरोप है कि अलीगढ़ में  बंदरों ने एक महीने में 35 लाख रुपये की चीनी चट कर ली. बंदरों ने 30 से 35 दिनों में 11 सौ कुंतल चीनी खा ली. 

बंदरों ने चट कर ली 35 लाख की चीनी

बता दें कि  30 दिन में करीब 35 लाख रुपये की कीमत की 1100 क्विंटल चीनी को बंदरों द्वारा खाने के आरोप लगे हैं.  इन आरोपों को लगने के बाद जांच करने आई टीम ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है, वहीं चीनी मिल के जिम्मेदारों का दावा है यहां मिल पर बंदरों का अच्छा खासा आतंक रहता है. बड़ी संख्या में आए बंदरों के द्वार एक महीने तक चीनी मिल में तांडव करते हुए 1100 क्विंटल की चीनी को चट कर दिया गया है. लेकिन सवाल ये उठता है इतनी तादाद में चीनी मिल में आकर बंदरों के द्वारा इतनी चीनी को खत्म कर दिया जाता है और विभाग हाथ पर हाथ रखकर बैठा रहता है? 

ऑडिट रिपोर्ट में हुआ खुलासा

दरअसल, अलीगढ़ में स्थित साथा चीनी मिल पर किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड की ऑडिट हुई थी. ऑडिट रिपोर्ट में 35 लाख रुपये की कीमत की 1100 क्विंटल चीनी कम पाई गई.  जिसकी रिपोर्ट कमेटी के द्वारा आलाधिकारियों को दी गई तो विभाग भी असमंजस में पड़ गया. वहीं इस मामले में प्रबंधक, लेखाधिकारी सहित 6 लोगों को प्राथमिक तौर पर दोषी माना गया है और बंदरों के चीनी खाने वाले जवाब को सिरे से नकार दिया गया है. पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद गन्ना आयुक्त को भेजी गई है. सभी आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरु कर दी है. 

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शुरु हुई जांच

रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल से अक्टूबर 2023 तक चीनी के स्टॉक का मिलान हो गया. इसके बाद फरवरी 2024 में चीनी का स्टॉक 1538.37 क्विंटल था. मार्च 2024 में यह स्टॉक घटकर 401.37 क्विंटल रह गया. ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 1137 क्विंटल सफेद चीनी बंदरों और बारिश के कारण खराब होने का हवाला दिया गया था लेकिन कुछ चीनी मिल में ही मिली और लाखों रुपये की चीनी को बंदरो के खाने का हवाला  दिया गया है. ऑडिट रिपोर्ट में प्रबंधक, लेखाधिकारी सहित छह को दोषी ठहराया गया है. बता दें कि अलीगढ़ में करीब 4500 हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है. आसपास के किसान इस मिल में गन्ने लाते हैं और मिल के द्वारा उनका भुगतान किया जाता है.
 

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