चर्चा में: राममंदिर के लिए कारसेवा में काटी जेल, दालमंडी में जब तोड़ दी गई दुकान तो रो पड़े संजीव जायसवाल 'मामा जी'
Sanjeev Jaiswal Dal Mandi: बनारस की दाल मंडी में विकास की गाज! कभी कार सेवा के लिए जेल जाने वाले संजीव जायसवाल आज अपनी दुकान टूटने पर क्यों रो रहे हैं? देखिए उनकी आपबीती और दाल मंडी की हकीकत.
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वाराणसी की ऐतिहासिक दाल मंडी में हो रहे चौड़ीकरण और विकास कार्यों के बीच एक कहानी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. यह कहानी है संजीव जायसवाल उर्फ 'मामा जी' की, जो कभी राम मंदिर के लिए कार सेवा में जेल गए थे, लेकिन आज अपनी आंखों के सामने अपनी रोजी-रोटी का जरिया (दुकान) उजड़ता देख भावुक हैं. संजीव जायसवाल मूल रूप से लखीमपुर खीरी के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले 25-30 सालों से बनारस में बस गए हैं.