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वाराणसी: चायवाले की बच्ची की जिंदगी बचाने में बीएचयू अस्पताल ने खर्च किए 60 लाख रुपये

सरकारी अस्पतालों में तमाम दिक्कतों, संसाधन की कमी और जगह के अभाव के बावजूद भी आज भी डॉक्टरों को ही भगवान के बाद दूसरा मसीहा…

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सरकारी अस्पतालों में तमाम दिक्कतों, संसाधन की कमी और जगह के अभाव के बावजूद भी आज भी डॉक्टरों को ही भगवान के बाद दूसरा मसीहा माना जाता है और इसके पीछे समय-समय पर कई ऐसी नजीर समाज में पेश होती है, जो इस कथन को सिद्ध साबित करती है.