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सहारनपुर में डेली बनाए जा रहे थे 20 रुपये 12000 नकली सिक्के... गैंग लाडर उपकार लूथरा ने कैसे बनाया था काला साम्राज्य?

सहारनपुर पुलिस और SOG ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. मास्टरमाइंड उपकार लूथरा समेत 5 आरोपी गिरफ्तार, 6400 नकली सिक्के और मशीनें बरामद.

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Saharanpur Fake Coin Racket
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20 रुपये के नकली सिक्के, जी हां 20 रुपये के नकली सिक्के. क्या आप सोच सकते हैं कि कोई 20 रुपये के नकली सिक्के बना सकता है? आपको बता दें कि सहारनपुर में 20 रुपये के नकली सिक्के बनाए जा रहा थे. पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले गैंग को पर्दाफाश कर दिया है. सहारनपुर की थाना कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी, स्वॉट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने गैंग के पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

पुलिस के मुताबिक गैंग का मुख्य सरगना मोहाली पंजाब निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह है. इसके साथ सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिहार और भदोही के रहने वाले चार अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है. आरोपियों के कब्जे से 20 रुपये के 6400 नकली सिक्के बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत 1 लाख 28 हजार रुपये है. इसके अलावा 10 हजार रुपये के असली नोट, 8 मोबाइल फोन और दो कारें भी पुलिस ने बरामद की हैं. पुलिस के मुताबिक आरोपी सहारनपुर में अपना नया बेस बनाने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस टीम ने उन्हें इंटरसेप्ट कर लिया.

जांच में क्या-क्या सामने आया?

जांच में सामने आया है कि यह गैंग बड़े पैमाने पर नकली सिक्के बना रहा था. पुलिस ने मौके से सिक्के बनाने वाली 6 मशीनें, 5 लोहे की डाई, 39 बिना मोहर की डाई और 20 मोहर लगी डाई बरामद की हैं. इसके साथ डाई पॉलिश करने की मशीन, घिसाई के पत्थर, ब्रश, रेती, हथौड़े, आरी, रिंच, शिकंजा, प्लास, पेचकस और वर्नियर कैलिपर्स समेत पूरा सेटअप बरामद हुआ है. 

5 लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के बरामद हुए

करीब 5 लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, ओवन और सात हिसाब-किताब रजिस्टर भी पुलिस के हाथ लगे हैं. पुलिस का कहना है कि यह सेटअप इंडस्ट्रियल लेवल पर तैयार किया गया था. आरोपी प्रतिदिन करीब 12 हजार 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करते थे. इन सिक्कों को बाजार के अलावा शराब के ठेकों, टोल टैक्स और छोटे व्यापारियों के बीच खपाया जाता था. 

कौन है गैंग लीडर उपकार लूथरा?

पुलिस के मुताबिक गैंग का मुख्य सरगना उपकार लूथरा साल 2001 से नकली सिक्के बनाने के काम में शामिल बताया जा रहा है. एसएसपी अभिनंदन के अनुसार, आरोपी को पहले दिल्ली पुलिस भी गिरफ्तार कर चुकी है और एक समय उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था. 

पूछताछ में आरोपियों ने अब तक करीब 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के बाजार में चलाने की बात बताई है. वहीं पुलिस की प्रारंभिक गणना में करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक के सिक्के बनाए जाने की बात सामने आई है.  हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक आरोपियों ने कोई सटीक रकम नहीं बताई है और जांच के बाद ही वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग किन-किन राज्यों में सक्रिय था और इनके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं. गैंग के कुल आठ सदस्यों के सामने आने की बात पुलिस ने कही है, जिनमें पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है. 

सहारनपुर के एसएसपी ने कही ये बात

एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि नकली सिक्के देखने में काफी हद तक असली सिक्कों से मेल खाते हैं, इसलिए आम लोगों के भ्रमित होने की संभावना रहती है. पुलिस आरोपियों के पुराने नेटवर्क और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है. अगर जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आते हैं तो उसकी भी पुष्टि की जाएगी. पुलिस ने बताया कि अभी तक पीएनबी चेस्ट कैश से इनकी कोई लिंकिंग सामने नहीं आई है और गिरोह अलग तरीके से अपने नकली सिक्कों को बाजार में चला रहा था. पुलिस अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों की जानकारी जुटाने के साथ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी में है. साथ ही फरार और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है.  पुलिस ने व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि संदिग्ध सिक्के मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें.  जांच आगे बढ़ने के साथ गैंग के नेटवर्क और अब तक बाजार में खपाए गए नकली सिक्कों की वास्तविक मात्रा का खुलासा होने की उम्मीद है. 

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