जेल से बाहर आते ही आजम खान को ED ने लिया हिरासत में, जांच में क्या-क्या सामने आया?
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आजम खान के खिलाफ ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 28 मुकदमे शामिल हैं. विश्वविद्यालय की संपत्तियां कुर्क होने के बाद आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई को चुनौती दी है.
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें हिरासत में ले लिया. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत इस मामले की जांच कर रही है. एजेंसी ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. जांच में करोड़ों रुपये की कथित बेनामी संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चलने की बात सामने आई है. आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया गया और सरकारी फंड को ट्रस्ट में वापस भेजा गया. ईडी विश्वविद्यालय की संपत्तियों को भी कुर्क कर चुकी है.
ईडी की जांच में पुराने मुकदमों के साथ नए आरोप भी शामिल किए गए हैं. कुल 28 प्राथमिकियों को जांच के दायरे में रखा गया है, जिनमें धोखाधड़ी, जबरन वसूली और जालसाजी जैसे आरोप हैं. जांच का दायरा ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों तक भी बढ़ सकता है. आने वाले हफ्तों में एजेंसी कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए समन भेज सकती है. कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप अदालत में साबित होते हैं तो आरोपियों को सजा के साथ उनकी संपत्तियां भी स्थायी रूप से जब्त की जा सकती हैं.
वहीं, आजम खान ने ईडी की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है और मामला इसी सप्ताह सूचीबद्ध हो सकता है. ऐसे में इस मामले में आने वाले दिनों में कानूनी और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है. फिलहाल ईडी की जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले से जुड़े अन्य पहलू सामने आ सकते हैं.
