बड़े भाई हरीश राणा के लिए छोटे भाई आशीष ने 12 सालों में जो-जो किया वो जानकर रो देंगे
हरीश राणा 2013 के हादसे के बाद गंभीर स्थिति में हैं. परिवार ने उनकी सेवा और इलाज में पूरी तरह खुद को झोंक दिया है. छोटा भाई आशीष उनकी देखरेख करता है. सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की अनुमति दी.
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यह कहानी केवल एक बीमारी या कानूनी लड़ाई की नहीं है बल्कि यह कहानी है दो भाइयों के उस अटूट प्रेम की जिसे देखकर लोग आशीष राणा को कलयुग का लक्ष्मण कह रहे हैं. साल 2013 में जब हरीश राणा एक हादसे के बाद कोमा में चले गए तब आशीष महज 12वीं कक्षा में पढ़ रहे थे. उस उम्र में जहां बच्चे अपने भविष्य के सपने बुनते हैं आशीष ने अपना जीवन अपने बड़े भाई की सेवा में झोंक दिया.12 सालों तक हर सुबह 4 बजे उठकर भाई के डायपर बदलने से लेकर उनकी फीडिंग और सफाई तक आशीष ने वो सब किया जो शायद ही कोई कर पाए. आज जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हरीश को शांतिपूर्ण विदाई दी जा रही है तो आशीष का वह संघर्ष हर किसी की आंखों को नम कर रहा है.