2027 में किसका होगा कासगंज, लोध बाहुल्य सीट पर क्या शाक्य वोटर करेंगे बड़ा खेल? जानें क्या कहते हैं समीकरण
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Kasganj Sadar Assembly Seat: कासगंज सदर विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दों का चुनाव पर गहरा असर है. 2027 में बीजेपी और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. लोध, शाक्य और गैर-यादव ओबीसी वोटरों के समीकरण के बीच बीजेपी हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी मजबूत वापसी का दावा कर रही है.
Kasganj Sadar Assembly Seat: उत्तर प्रदेश की कासगंज सदर विधानसभा सीट उन सीटों में से एक है, जहां वोट किसी पार्टी की लहर देखकर नहीं दिए जाते हैं. इस सीट पर उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए स्थानीय मुद्दे, जातीय समीकरण और जमीनी पकड़ अहम होते हैं. इस सीट पर लोध राजपूत, शाक्य और गैर-यादव ओबीसी वोटर चुनाव के नतीजे पलटने में बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से यह चर्चा तेज है कि क्या लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाली बीजेपी यहां हैट्रिक लगा पाएगी या फिर 2012 में जीतने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) वापसी करेगी.
