राजू श्रीवास्तव और अमिताभ बच्चन (फाइल फोटो)
राजू श्रीवास्तव और अमिताभ बच्चन (फाइल फोटो)फोटो कोलाज: यूपी तक

अमिताभ बच्चन को 'भगवान' मानते थे राजू, आज भी घर में संजोकर रखा है उनका हस्ताक्षर

मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की जिंदगी में अगर कोई सबसे खास व्यक्ति था, तो वह शायद अमिताभ बच्चन थे. बच्चन की वजह से ही वह मुंबई आए, हास्य कला की दुनिया में खुद को स्थापित किया और उनका हस्ताक्षर आज भी श्रीवास्तव के घर में संजोकर रखा गया है. राजू श्रीवास्तव का बुधवार को दिल्ली के एक अस्पताल में 58 वर्ष की आयु में निधन हो गया. श्रीवास्तव के भाई दीपू ने कहा कि बच्चन उनके लिए “भगवान” थे.

अहम बिंदु

अपने गृहनगर कानपुर के एक सिनेमाघर में बच्चन की फिल्म देखते-देखते बड़े हुए श्रीवास्तव ने अभिनेता के साथ अपनी समानता पर गौर किया और फिर उनकी नकल करने लगे. साल 1982 में जब “कुली” फिल्म की शूटिंग के दौरान बच्चन को भीषण चोट लगी तब महज 18 वर्ष की आयु में श्रीवास्तव मुंबई पहुंच गए. वह बच्चन की एक झलक पाना चाहते थे. श्रीवास्तव को बच्चन की झलक देखने को नहीं मिली तो वह ब्रीच कैंडी अस्पताल में ताक लगाए बैठी भीड़ में शामिल हो गए, जहां बच्चन भर्ती थे.

श्रीवास्तव के भाई दीपू ने बताया, "राजू भाई रोजाना अस्पताल के बाहर खड़े हो जाते और बच्चन जी के लिए कामना करते. वह अमिताभ बच्चन जी को देखने आए थे क्योंकि वह उन्हें भगवान मानते थे.” बच्चन ठीक होकर सेट पर लौट गए और श्रीवास्तव ने यहीं रहकर मनोरंजन उद्योग में करियर बनाने का फैसला किया, जिसने उनका जीवन बदल दिया दीपू ने कहा, “वह दादर स्टेशन के पुल और पार्कों में सोते थे और झोपड़पट्टी में रहते थे. वह शहर में होने वाले कॉमेडी शो के बारे में पता लगाने के लिए अखबारों के विज्ञापन खंगालते थे.” दीपू खुद भी मुंबई में हास्य कलाकार हैं.

दीपू ने अपने बचपन के वर्षों को याद करते हुए कहा कि राजू श्रीवास्तव बच्चन की एक भी फिल्म नहीं छोड़ते थे और फिल्म देखने के लिए स्कूल से भाग जाया करते थे. दीपू ने बताया, “हमारी मां कई बार इसके लिए उनकी पिटाई कर चुकी थीं. स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वह उनकी (बच्चन की) नकल उतारते थे. कानपुर में जब भी किसी बारात में अमिताभ बच्चन के गाने बजते थे, तो वह नाचने लगते थे.”

दीपू ने कहा यह शायद उनकी नियति थी कि उन्हें एक कॉमेडी शो में अपने पसंदीदा अभिनेता की नकल उतारने का काम मिल गया. मुंबई में हुए ऐसे ही एक शो में टी-सीरीज के गुलशन कुमार मौजूद थे. उन्होंने कहा, “भाई की कॉमेडी देखने के बाद, गुलशन कुमार ने उन्हें ऑडियो कैसेट शो ‘हसना मना है’ की पेशकश की. उन्होंने टी-सीरीज और वीनस जैसे लेबल के लिए ऐसे लगभग 25 से 30 शो किए.” बाद के वर्षों में भी श्रीवास्तव का बच्चन के प्रति यह लगाव बरकरार रहा.
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दीपू ने बताया कि श्रीवास्तव के घर में आज भी एक तय जगह पर बच्चन का हस्ताक्षर संजोकर रखा हुआ है. उन्होंने कहा, “राजू भाई किसी भी शो के लिए जाने से पहले उनसे आशीर्वाद लेते थे."

दस अगस्त को दिल्ली के एक होटल में व्यायाम करते समय श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था और तब से वे ‘वेंटिलेटर’ पर थे. श्रीवास्तव कुछ समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहने के बाद 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे. श्रीवास्तव ने “मैंने प्यार किया”, “बाजीगर”, “बॉम्बे टू गोवा”, “आमदनी अठन्नी खर्चा रुपइय्या” और “मैं प्रेम की दीवानी हूं” जैसी फिल्मों में अभिनय भी किया था.

राजू श्रीवास्तव और अमिताभ बच्चन (फाइल फोटो)
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