कानपुर: स्कूल की प्रार्थना में कलमा पढ़ाये जाने पर विवाद, हिंदू संगठनों ने जताया विरोध
फोटो कोलाज: यूपी तक

कानपुर: स्कूल की प्रार्थना में कलमा पढ़ाये जाने पर विवाद, हिंदू संगठनों ने जताया विरोध

कानपुर के सीसामऊ इलाके में एक निजी स्कूल की प्रार्थना में कलमा पढ़े जाने को लेकर विवाद हो गया. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने धार्मिक प्रार्थना को रोककर सिर्फ राष्ट्रगान गाने की व्यवस्था कर दी है.

सहायक पुलिस आयुक्त (सीसामऊ) निशंक शर्मा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि फ्लोरेट्स इंटरनेशनल स्कूल के एक छात्र के अभिभावकों ने शनिवार को एक ट्वीट कर आरोप लगाया था कि स्कूल में सुबह होने वाली प्रार्थना में छात्रों से पहले कलमा भी पढ़वाया जाता है. इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था.

उन्होंने बताया कि मामला जिलाधिकारी विशाख तक भी पहुंचा जिस पर उन्होंने जांच के आदेश दिए.

इस मामले में अब हिंदू संगठनों का विरोध भी शुरू हो गया है. हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने स्कूल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया. शहर के बजरंग दल अध्यक्ष कृष्णा तिवारी अपनी टीम के साथ एडीएम से मिले हैं और स्कूल की पूरी जांच कराने के साथ-साथ कार्रवाई की भी मांग की है.

वहीं निशंक शर्मा ने बताया कि उन्होंने स्कूल के प्रबंध निदेशक सुमीत मखीजा से जब पूछताछ की तो उन्हें बताया गया कि विद्यालय में सभी धर्मों का समान रूप से आदर किया जाता है. स्कूल में पिछले करीब 14 साल से यही प्रार्थना हो रही है जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्मों के श्लोक, गुरबाणी और दुआ का पाठ भी कराया जाता है. बच्चों की स्कूल की डायरी में भी इन्हें प्रकाशित किया गया है. इससे पहले कभी किसी विद्यार्थी के परिजन ने आपत्ति नहीं की थी.

उन्होंने बताया कि अब स्कूल प्रशासन ने फैसला किया है कि प्रार्थना में सभी धार्मिक प्रार्थना को हटाकर उनके स्थान पर सिर्फ राष्ट्रगान ही गाया जाएगा.

शर्मा ने बताया कि वह और अपर नगर आयुक्त तृतीय जियालाल सरोज आज सुबह स्कूल पहुंचे और मामले का सहमति पूर्ण समाधान निकाला गया.

अपर जिलाधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि इस मामले में एक लिखित शिकायत दी गई है और पुलिस से उसकी जांच करने को कहा गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर समुचित कार्रवाई की जाएगी.

(भाषा के इनपुट्स के साथ)

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