लेटेस्ट न्यूज़

पिता की तेरहवीं कर अगले दिन ही कुएं में कूद गया किसान उदयभान अहिरवार, 10 घंटे बाद निकली बॉडी पर देर हो चुकी थी

अजय झा

झांसी के समथर क्षेत्र में 45 वर्षीय किसान उदयभान अहिरवांर ने कर्ज और मानसिक तनाव के चलते कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. पिता की तेरहवीं और बढ़ते कर्ज ने उन्हें तोड़ दिया. उनके पीछे एक बेटा और दो बेटियां रह गई हैं.

ADVERTISEMENT

UP Tak
social share
google news

Jhansi Farmer Suicide: यूपी के झांसी जनपद से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहां कर्ज, गरीबी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ ने एक किसान की जान ले ली. जिस घर में कुछ दिन पहले पिता की तेरहवीं की रस्में पूरी हुई थीं, उसी घर से अगले ही दिन मातम की चीखें उठने लगीं. बता दें कि यहां आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे 45 वर्षीय किसान ने जिंदगी से हार मान ली. यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि गांवों में रहने वाले किसानों की खराब हालत की सच्ची तस्वीर भी दिखाती है. इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है.

कुएं में कूदकर किसान ने दी जान

यह दर्दनाक घटना समथर थाना क्षेत्र के ग्राम खूजा की है. यहां रहने वाले 45 वर्षीय किसान उदयभान अहिरवार ने गुरुवार सुबह गांव के पास स्थित एक कुएं में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. सुबह जब महिलाएं दैनिक क्रिया के लिए बाहर गईं तो उन्हें कुएं में किसी के गिरने की आशंका हुई. सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों को इसकी जानकारी दी गई.

10 घंटे की मशक्कत के बाद कुएं से निकला शव

घटना की सूचना पर तत्काल डायल-112, समथर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची.  कुएं में पानी ज्यादा और गहराई होने के कारण शव निकालने में भारी दिक्कत आई. ग्रामीणों की मदद से कुएं का पानी बाहर निकाला गया. करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उदयभान को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. शव बाहर आते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया. 

यह भी पढ़ें...

पिता के इलाज ने बढ़ाया कर्ज का बोझ

मृतक के भाई रामप्रसाद ने बताया कि उदयभान लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे. कुछ समय पहले उनके पिता का निधन हुआ था जिनके इलाज में काफी पैसा खर्च हो गया था. इसके बाद 28 तारीख को पिता की तेरहवीं का आयोजन किया गया, जिसके लिए भी कर्ज लेना पड़ा.  रामप्रसाद के अनुसार बैंक, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय साहूकारों से लिया गया कर्ज 6 से 7 लाख रुपये तक पहुंच चुका था. इसी भारी कर्ज और मानसिक तनाव के चलते उदयभान पूरी तरह टूट गए और 29 तारीख की सुबह बिना किसी को बताए घर से निकलकर कुएं में कूद गए.

गांव के लोगों ने कही ये बात 

गांव के रहने वाले रामशंकर उदैनिया ने बताया कि उदयभान एक बेहद साधारण और गरीब किसान थे. उनके पास थोड़ी-बहुत जमीन थी लेकिन फसल खराब होने के कारण आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं बचा था. पिता के इलाज, अंतिम संस्कार और पारिवारिक जिम्मेदारियों ने उन्हें कर्ज के दलदल में धकेल दिया.  उन्होंने बताया कि तेरहवीं में रिश्तेदार जरूर आए लेकिन आर्थिक मदद न मिलने से उदयभान खुद को असहाय महसूस करने लगे थे. बढ़ता कर्ज और बच्चों के भविष्य की चिंता उनके लिए असहनीय हो गई.

उदयभान अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं. बड़ी बेटी शादी योग्य उम्र की है. पिता की मौत और भारी कर्ज के बाद अब परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी और घर का खर्च कैसे चलेगा. गांव के लोग परिवार की हालत देखकर स्तब्ध हैं.

पुलिस का बयान

समथर थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है.सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है और पुलिस ने परिजनों से भी पूछताछ की है.

यह भी पढ़ें: कई किलोमीटर तक मनचलों ने किया पीछा! BMW जैसी लग्जरी गाड़ियों की मालकिन और 5 मिलियन फॉलोअर्स वाली नीतू बिष्ट की कहानी