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चंद्रयान को ट्रैक कर रहे हैं यूपी के धर्मेंद्र, एपीजे अब्दुल कलाम की एक सलाह ने बदली जिदंगी

सुधीर शर्मा

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Uttar Pradesh News: भारत चांद पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने की दहलीज पर खड़ा है. चंद्रयान-3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा है और जल्द ही लैंडिंग (Chandrayaan-3 Moon Landing) करेगा. भारत चांद पर इतिहास रचने जा रहा है. 23 अगस्त की शाम को 6 बजकर 4 मिनट पर ISRO लैंडर मॉड्यूल को चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की कोशिश करेगा, जिस पर देश और दुनिया की नजरें टिकी हुई है. वहीं चंद्रयान-3 की उड़ान में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का भी योगदान है.

लांचिंग टीम में धर्मेंद्र प्रताप यादव

बता दें कि चंद्रयान-3 की लांचिंग टीम में फिरोजाबाद के टिकरी गांव के धर्मेंद्र प्रताप यादव शामिल हैं. बता दें कि धर्मेंद्र प्रताप इसरो में वरिष्ठ वैज्ञानी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वहीं टीकरी गांव में अभी खुशी का माहौल है. गांव के लोग टीवी पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग की खबर के लिए चिपके हुए हैं. बता दें कि चंद्रयान-3 मिशन में वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव का मुख्य कार्य चंद्रयान से सिग्नल को प्राप्त करने की है. धर्मेंद्र प्रताप यादव टिकरी गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने NIT जालंधर से एमटेक किया है. उनके पिता शंभू दयाल किसान हैं और मां कमला देवी ग्रहणी है.

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यूपी तक की टीम जब टिकरी पहुंची तो धर्मेंद्र का पूरा परिवार टीवी के सामने बैठा था. सभी बहुत खुश थे. मां कमला देवी ने कहा कि उनका बेटा देश के लिए काम कर रहा है. इससे गौरव की बात और क्या होगी.

एपीजे अब्दुल कलाम की एक सलाह ने बदल दी धर्मेंद्र की जिदंगी

वहीं धर्मेंद्र के पिता शंभू दयाल यादव ने बताया कि, ‘उनका बेटा पढ़ने में शुरू से ही होशियार था. 4 साल की उम्र में जब पढ़ने जाता था तभी उन्होंने अच्छे स्कूल में उसका दाखिला कराया था. वह साइकिल पर उसे छोड़ने जाते थे. उसने हाईस्कूल और इंटर फिरोजाबाद से की और हिंदुस्तान कॉलेज से इंजीनियरिंग की. वहां पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आए थे. उन्होंने उसे कहा था कि तुम वैज्ञानिक बनो. उसे उनसे प्रेरणा मिली और वह वैज्ञानिक बना. आज वह इतने बड़े स्तर पर कम कर रहा है. पूरे गांव में बहुत खुशी है और कल जब चंद्रयान-3 स्थापित होगा तो हम पूरे गांव में मिठाई बाटेंगे.

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