होटल सस्ता कराने से लेकर जोशीले गानों तक, राज ठाकरे के खिलाफ बड़ी तैयारी में जुटे बृजभूषण

होटल सस्ता कराने से लेकर जोशीले गानों तक, राज ठाकरे के खिलाफ बड़ी तैयारी में जुटे बृजभूषण
फोटो: यूपी तक

महाराष्ट्र की राजनीति में अलग पहचान रखने वाले मनसे प्रमुख राज ठाकरे कभी प्रधानमंत्री मोदी तो कभी योगी पर सवाल खड़े करते देखते जाते थे. इधर अचानक राज ठाकरे के सुर बदले और वे योगी की न केवल तारीफ करने लगे बल्कि आयोध्या आने और हिंदुत्व की बात करने का ऐलान कर दिया. यहां तक तो सब ठीक था पर कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह ने अचानक ऐसा स्टैंड लिया कि ठाकरे के अयोध्या विजिट को बड़ा तूल दे दिया.

बृज भूषण सिंह ने अपने बयानों में राज ठाकरे की तुलना न सिर्फ रामायणकाल के मायावी राक्षस 'कालनेमि' से और 'रावण' से की है बल्कि उन्होंने ठाकरे को ओपन चैलेंज दे दिया है. बृज भूषण सिंह ने साफ कह दिया कि उत्तर भारतीयों से बिना माफी मांगे राज ठाकरे अयोध्या में नहीं घुस पाएंगे. बृजभूषण ने न केवल कहा है कि ये अयोध्या है...मुंबई नहीं, बल्कि इन बातों पर अमल करते हुए उन्होंने ठाकरे को रोकने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं.

फोटो: फेसबुक से (साभार)
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सोशल मीडिया में सॉन्ग तक लॉन्च हो गया है, जिसके बोल हैं-'माफी मांगो राज ठाकरे...आना है अगर अयोध्या धाम'. इसके अलावा बृजभूषण सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर होटल-धर्मशालाओं की लिस्ट शेयर की है. ये वो होटल और धर्मशालाएं हैं जिन्होंने उत्तर-भारतीयों के ठहरने के लिए किराया 50 फीसदी कम कर दिया है. बृजभूषण सिंह ने इन होटल और धर्मशाला मालिकों को धन्यवाद दिया है.

गौरतलब है कि राज ठाकरे को रोकने के लिए बृजभूषण सिंह ने उत्तर भारतीयों से अपील की है कि वे 5 जून तक आयोध्या पहुंचें. इधर खुद बृजभूषण सिंह कैसरगंज, अयोध्या और इसके आस-पास के जिलों के अलावा पूर्वांचल के जिलों में अपनी आवाज लोगों तक पहुंचा रहे हैं. इसके लिए सोशल मीडिया में गाना तक लॉन्च हो गया है.

ध्यान देने वाली बात है कि कैसरगंज से सांसद बृजभूषण सिंह की पकड़ आयोध्या और उसके आसपास भी है. आयोध्या के साधु-संत भी ठाकरे के मद्दे पर बृजभूषण सिंह के साथ हैं. बृज भूषण सिंह के इस मुहीम ने भाजपा में असहज स्थिति पैदा कर दी है. हालांकि इनका दावा है कि ये पार्टी का स्टैंड नहीं बल्कि उनका अपना स्टैंड है.

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इसलिए ठाकरे का कर रहे विरोध

बृजभूषण सिंह का कहना है कि ठाकरे ने उत्तर भारतीयों पर अत्याचार किया है, पिटाई की है, मराठी मानुष और उत्तर भारतीयों में दरार पैदा किया है. उन्होंने कहा कि ठाकरे ने विद्यार्थियों को मारा है, मजदूरों को मारा है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि ठाकरे बस इतना कह दें कि उत्तर भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार के लिए वे माफी मांगते हैं तो मैं हजारों लोगों के साथ उनका स्वागत करूंगा.

बृजभूषण सिंह ने बताया मुंबई में उत्तर भारतीयों का दर्द

बृजभूषण सिंह ने कहा- "हमारा हिंदू धर्म ये कहता है कि अगर हमने पिछले जन्म में भी कोई बुरा काम किया है, तो बिना उस पाप को काटे कुछ नहीं हो सकता. राज ठाकरे ने तो इसी जन्म में पाप किया है. हमारे लोगों ने हाथ जोड़ कर कहा कि महिला की डिलीवरी होने वाली है, सिर्फ 15 दिन मुंबई में रहने दीजिए पर राज ठाकरे ने नहीं रहने दिया. इतना बड़ा अपराध तो रावण ने नहीं किया था. गरीब लोगों को मारा, टैक्सी वालों को मारा, ठेके वालों को मारा, हमारे लोगों को मारा."

बीजेपी सांसद ने यहां तक कह दिया कि 1992 में अयोध्या में 'विवादित ढांचा विध्वंस' में कोई शिवसैनिक शामिल नहीं था. ध्यान देने वाली बात है कि बाबरी मस्जिद विध्‍वंस मामले में बृज भूषण शरण सिंह का भी नाम आया था. सीबीआई ने इनपर भी केस दर्ज किया था.

यहां से शुरू हुआ विवाद

दरअसल मनसे प्रमुख ने यूपी में लाउडस्पीकरों के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई को न सिर्फ सराहा बल्कि यहां तक कह दिया- "मुझे यह देखकर खुशी हो रही कि यूपी प्रगति कर रहा है. हम महाराष्ट्र में भी इसी तरह का विकास चाहते हैं. मैं अयोध्या जाऊंगा, लेकिन आज नहीं बताऊंगा कि कब जाऊंगा. मैं हिंदुत्व की भी बात करूंगा.'

इसके बाद राज ठाकरे के खेमे ने अयोध्या में पोस्टरबाजी कर दावा किया था कि मनसे प्रमुख 5 जून को अपने परिवार के साथ अयोध्या रामजन्मभूमि का दर्जन करने आएंगे. इन पोस्टर्स के सामने आने के बाद कैसरगंज सांसद बृजभूषण सिंह ने राज ठाकरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

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इसके राजनैतिक मायने

राजनैतिक गलियारों में राज ठाकरे के बयान और आयोध्या आकर हिंदुत्व की बात करने वाली बातों को महाराष्ट्र में मनसे का भाजपा के साथ आने की दिशा में कड़ी के रूप में देखा जाने लगा था. इसी बीच भाजपा के ही सांसद का राज ठाकरे का खुलेआम विरोध करना और ये कहना कि ये उनका और उत्तर-भारतीयों का स्टैंड है से चर्चा की दिशा को नया मोड़ दे दिया है.

राजनैतिक विशेषज्ञों की मानें तो बृजभूषण की कैसरगंज और उससे सटे अयोध्या में अच्छी खासी पैठ मानी जाती है. इनकी यूपी के ठाकुर नेताओं में कद्दावरों में गिनती होती है. ये यूपी के बाहुबली नेताओं में हैं. यही नहीं ये 6 बार सांसद रह चुके हैं और इनका बेटा दूसरी बार विधायक बना है.

बावजूद इसके बृजभूषण सिंह को केंद्र में मंत्री पद नहीं मिला. बेटे को भी योगी के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. चर्चाओं के मुताबिक एक तरफ ये पार्टी से अंदरूनी तौर पर नाराज हैं वहीं कैसरगंज, आयोध्या और पूर्वांचल में केंद्र और राज्य सरकार दोनों को अपना दमखम दिखाकर सियासत को नई दिशा देना चाहते हैं.
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