मुजफ्फरनगर: जौला गांव के मंदिर से जुड़ी खबर की असल कहानी अब सामने आई

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अक्सर अफवाहें शांतिभंग कर देती हैं और ऐसी ही एक अफवाह मुजफ्फरनगर के जौला गांव स्थिति मंदिर को लेकर उड़ी. मंदिर में आपत्तिजनक चीजें रखने की शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अफवाहें उड़नी शुरू हो गईं. मामला 6 सितंबर को सामने आया जब जौला गांव के शिव मंदिर के द्वार पर आपत्तिजनक चीजें मिलीं. हालांकि पुलिस ने मंदिर कमेटी की शिकायत पर गांव के ही दो आरोपियों राकेश और राजेश को पकड़ लिया. लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर शांत नहीं हुआ.

यूपी तक ने जौला गांव के उस मंदिर पर जाकर वहां पर स्थानीय लोगों से बात की. जौला गांव के एक स्थानीय ग्रामीण प्रमोद शर्मा ने बताया कि दो महिलाएं मंदिर पर माता पूजने आई थीं. उनके मुताबिक महिलाओं ने ही मंदिर के द्वार पर आपत्तिजनक चीजें छोड़ दीं और इसके बाद अफवाह उड़ गई.

आखिर अफवाह उड़ी ही क्यों: जिस मंदिर को लेकर अफवाह उड़ी वह जौला गांव में स्थित है और वहां दूसरे धर्म के लोगों की संख्या ज्यादा है. सोशल मीडिया पर जानबूझकर इस मामले को तूल देने की कोशिश की गई. हालांकि ग्रामीणों के मुताबिक इससे शांति भंग होने का खतरा पैदा होता, इससे पहले ही आरोपी महिलाओं ने खुद स्वीकार कर लिया कि उन्होंने पूजा के क्रम में ऐसा किया है.

आपको बता दें कि पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, तो इस मामले में गांव के राकेश, राजेश और उनकी पत्नियों कुसुम व अनारकली का नाम सामने आया. पुलिस ने राजेश ओर राकेश को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो उन्होंने भी इसे पूजा से संबंधित मामला बताया. हालांकि पुलिस ने धारा 295 के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. ये धारा किसी धर्म के अपमान या उपासना के स्थान को क्षति पहुंचाने या अपवित्र किए जाने के मामलों में लगाई जाती है.

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