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'धनंजय सिंह और पूर्वांचल का एक बड़ा माफिया...!' अमिताभ ठाकुर के इस बयान से यूपी हिल जाएगी!

पूर्व आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने देवरिया जेल से शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कफ सिरप घोटाले और बड़े माफियाओं की सुरक्षा के लिए उनके खिलाफ साजिश होने का दावा किया.

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उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने देवरिया जेल से शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह और पूर्वांचल के एक बड़े माफिया को बचाने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया.

एनकाउंटर का था डर: अमिताभ ठाकुर

अमिताभ ठाकुर ने अपनी गिरफ्तारी के वक्त के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि 9-10 दिसंबर की रात जब उन्हें सन्नाटे में उठाया गया तो उन्हें डर लगा कि पुलिस उनका एनकाउंटर कर देगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे कफ सिरप घोटाले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल (PIL) दाखिल करने दिल्ली जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें पकड़ लिया गया और उनका सारा सामान व सबूत छीन लिए गए.

अमिताभ ठाकुर के विस्फोटक आरोपों वाली ये वीडियो रिपोर्ट यहां नीचे देखिए

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कफ सिरप घोटाले में बड़ा खुलासा

अमिताभ ठाकुर का दावा है कि कफ सिरप मामले में गिरफ्तार किया गया शुभम जायसवाल केवल एक प्यादा है. इस घोटाले की जड़ें बहुत गहरी हैं और इसमें धनंजय सिंह जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिनसे अब तक कोई पूछताछ नहीं की गई है.उन्होंने पूर्वांचल के एक और बाहुबली का जिक्र किया, हालांकि उन्होंने उसका नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया.

आमरण अनशन और कोर्ट की कार्यवाही

अमिताभ ठाकुर ने पुलिस प्रताड़ना और बदसलूकी के खिलाफ 1 जनवरी से जेल में आमरण अनशन शुरू किया था. वे अपनी गिरफ्तारी के वक्त के सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर की मांग कर रहे थे. हालांकि, कोर्ट द्वारा सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के आश्वासन और सार्थक पहल के बाद उन्होंने 15 जनवरी तक अपना अनशन स्थगित कर दिया है.

क्या है पूरा मामला?

अमिताभ ठाकुर को 1999 के एक जमीन घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि जब वे देवरिया के एसपी थे, तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर इंडस्ट्रियल एरिया में जमीन आवंटित करवाई थी. वहीं, अमिताभ ठाकुर और उनके समर्थकों का मानना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित है क्योंकि उन्होंने कफ सिरप मामले और हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व नेता अमरीश सिंह भोला के खिलाफ आवाज उठाई थी.

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