पंचम की बॉडी गांव लाने के लिए परिजनों ने जमा किया चंदा…झांसी से आई ये खबर दिल को झकझोर देगी
UP News: यूपी के झांसी से गरीबी-लाचारी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दिल को झकझोर कर रख दिया है. यहां ट्रेन में एक शख्स की मौत हुई. इसके बाद ये पूरी कहानी सामने आई.
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UP News: उत्तर प्रदेश के झांसी से गरीबी और मजबूरी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने दिल को झकझोर कर रख दिया है. यहां मुंबई में काम करने वाले एक शख्स बीमार हुए. जब उन्हें आराम नहीं पड़ा तो परिजनों ने उन्हें मुंबई से वापस गांव बुला लिया. वह ट्रेन से आ ही रहे थे कि रास्ते में ही शख्स की मौत हो गई. शख्स महाराजगंज के रहने वाले थे. मगर झांसी से पहले ही उन्होंने ट्रेन में दम तोड़ दिया. जब घटना की जानकारी उनके परिजनों को मिली तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल ये था कि झांसी से शव को महाराजगंज स्थित गांव में कैसे लाया जाए?
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इसके बाद परिजनों ने पूरे गांव में शव को वापस लाने के लिए चंदा जमा किया. गांव वालों ने भी परिवार की पूरी मदद की. फिर जाकर परिजन झांसी गए और गाड़ी से शव को गांव वापस लेकर आए. 700 किलोमीटर का सफर तय करके शव को परिजन गांव वापस लाए.
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50 साल के पंचम की हुई थी मौत
मृतक का नाम 50 वर्षीय पंचम था. वह यूपी के महाराजगंज जिले के पिपरहना सौरहा गांव के रहने वाले थे. परिवार में उनके 2 बेटे और 1 बेटी हैं. बेटी की उम्र शादी की हो गई थी. घर की आर्थिक हालत बेहद कमजोर थी, जिसे देखते हुए पंचम मजदूरी करने मुंबई चले गए. वहां वह एक लाउंड्री में काम करते थे.
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उन्हें बुखार आया और वह बीमार हो गए. दवा लेने के बाद भी आराम नहीं पड़ा. इसके बाद परिजनों ने उन्हें वापस गांव बुला लिया. 1 जनवरी को वह गांव के लिए मुंबई से निकले. मगर ट्रेन में ही 2 जनवरी के दिन झांसी आने से पहले उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. झांसी में ट्रेन आने पर उन्हें इलाज मिलता, उससे पहले ही उनकी ट्रेन में ही मौत हो गई.
सूचना पर जीआरपी ने उनके शव को झांसी स्टेशन पर उतार लिया और शव की पहचान करने के बाद परिजनों को मामले की सूचना दी. इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. आज जब परिजन शव लेने झांसी पोस्टमॉर्टम हाउस आए तो परिजनों ने बताया कि पैसा नहीं होने की वजह से वह गांव से फौरन नहीं निकले. पहले गांव में चंदा जमा किया, फिर गाड़ी करके शव लेने झांसी आए.










