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लखीमपुर खीरी कांड: पुलिस ने जिस पत्रकार को गला पकड़ खदेड़ा उसने चौकी में क्या देखा? जानें

Lakhimpur Kheri Case: लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र में बुधवार शाम एक खेत में दो सगी बहनों के शव पेड़ पर फंदे से लटके…

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Lakhimpur Kheri Case: लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र में बुधवार शाम एक खेत में दो सगी बहनों के शव पेड़ पर फंदे से लटके हुए मिले. दोनों लड़कियां दलित समुदाय की थीं. इस बीच घटना के कुछ समय बाद का एक वीडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें एक लोकल पत्रकार नंद किशोर को पुलिस गला पकड़कर खींचती हुई बाहर लाती दिख रही है. यह वीडियो लगभग 7 बजे का बताया जा रहा है. आपको बता दें कि इससे पहले पीड़िता की मां ने भी पुलिस पर मारने का आरोप लगाया था.

यूपी तक से बातचीत में पत्रकार ने दावा करते हुए बताया कि वह उस वक्त चौकी पर मौजूद था जब मृतकाओं की मां शिकायत लिखवाने वहां पहुंची थी. पत्रकार के अनुसार, उसने देखा कि मृतकाओं की मां को पुलिस ने मारा है और उनके बाल पकड़ के खींचे हैं. पत्रकार नंद किशोर ने बताया कि जब पुलिस ने देखा कि वह घटना की वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा है, तो वहां मौजूद CO और SHO उसे घसीटने लगे और बोले ‘यहां पत्रकारिता करोगे तुम.’

आपको बता दें कि इससे पहले इस मामले में यूपी तक से बातचीत के दौरान दोनों सगी बहनों की मां ने निघासन पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. मृतकाओं की मां का आरोप है कि जब वह और उनके पति निघासन पुलिस चौकी में मदद के लिए पहुंचे तो उन्हें मारा गया. पीड़िता ने दावा करते हुए कहा कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें आधे घंटे तक मारा और उनके पति को भी पीटा. उन्हें यह कह कर वहां से भगा दिया गया कि ‘यहां पुलिस चौकी में तुम्हारी कोई बेटी नहीं है, जाओ यहां से.’

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से क्या पता चला?

गौरतलब यही कि मृतकाओं की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, दोनों किशोरियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप और गला दबाकर हत्या की पुष्टि की बात पता चली है. सूत्रों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या और हैंगिंग की पुष्टि हुई है.

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