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गोरखनाथ मंदिर हमला केस: ISIS कैंप में फंसी लड़की के नाम पर हनी ट्रैप हुआ था आरोपी मुर्तजा?

संतोष शर्मा

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गोरखनाथ मंदिर के द्वार पर जवानों के ऊपर हमला करने के आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी से पूछताछ में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. जांच एजेंसियों के हवाले से सामने आया है कि आरोपी मुर्तजा एक हनी ट्रैप का शिकार हुआ था, जिसके बाद आतंकी संगठन ISIS से जुड़े लोगों से उसकी कथित बातचीत का क्रम शुरू हुआ.

इस्लामिक स्टेट (ISIS) के कैंप में फंसी लड़की के नाम पर मुर्तजा को मदद की अपील करते हुए एक मेल आई थी. बताया जा रहा है कि मुर्तजा ने मदद के नाम पर 40 हजार रुपये भेज भी दिए थे. इसके बाद लड़की ने अपनी फोटो भेज कर भारत आकर मिलने का किया वादा किया था.

दावा किया जा रहा है कि ईमेल के जरिए एक बार बातचीत शुरू हुई तो इतनी बढ़ी कि आरोपी ISIS में शामिल होने की तैयारी करने लगा. यह भी कहा जा रहा है कि लड़की के बताए हुए बैंक अकाउंट में मुर्तजा ने तीन बार पैसे भेजे थे.

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आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग कर चुके आरोपी मुर्तजा का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह अपने बाएं हाथ में प्लास्टर लगाए बैठा दिख रहा है. उसे यह कहते सुना जा रहा है कि वह डर गया था और गोरखपुर से नेपाल जाने की सोच रहा था.

गोरखनाथ मंदिर हमला केस: आरोपी मुर्तजा का वीडियो आया सामने, अपनी जुबानी सुनाई ये सारी कहानी

अब यूपी पुलिस अहमद मुर्तजा अब्बासी का मनोवैज्ञानिक परीक्षण (सायकालोजिकल टेस्ट) कराने की तैयारी में है. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान अब्बासी की मानसिक स्थिति के बारे में पूछे गये एक सवाल का जवाब में कहा, ‘‘हम आरोपी की मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाने के लिए मानदंडों के अनुसार विशेषज्ञों से उसका मनोवैज्ञानिक आकलन करवाएंगे.”

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अब्बासी के परिवार के सदस्यों ने पहले मीडिया को बताया था कि वह मानसिक रूप से परेशान है और पिछले कुछ सालों से ‘बाइपोलर’ बीमारी का इलाज करा रहा है. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष के अखिलेश यादव ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ‘अभी जो जानकारी आ रही हैं और उसके (आरोपी के) पिता ने जो कहा है उसके हिसाब से उसे दिमागी समस्याएं थी, उसके साथ बाइपोलर इश्यूज (मनोविकार) थे. मुझे लगता है, वह पहलू भी देखना पडे़गा.’

अब्बासी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसे लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के एटीएस मुख्यालय में रखा गया है. मामले की जांच एटीएस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) संयुक्त रूप से कर रहे हैं. आपको बता दें कि रविवार देर रात, 30 वर्षीय अहमद मुर्तजा अब्बासी ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की और जब सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उनपर धार दार हथियार से हमला किया, जिससे (पीएसी) के दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए. जांचकर्ताओं को संदेह है कि अब्बासी कट्टरपंथी है.

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(भाषा के इनपुट्स के साथ)

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