दरोगाजी ‘चुलबुल पांडे’ बनने चले थे, लेकिन खेल हो गया !
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कसम से गजब की एनर्जी होती है खाकी वर्दी में. बदन पर चढ़ते ही आदमी खुद को सुपरमैन समझने लगता है. जैसे इन्ही साहब को…
कसम से गजब की एनर्जी होती है खाकी वर्दी में. बदन पर चढ़ते ही आदमी खुद को सुपरमैन समझने लगता है. जैसे इन्ही साहब को देख लीजिए. खाकी वर्दी पहनी नहीं की तुरंत बद्तमीज हो गए. सिंघम की तरह बाहर निकले और लगे फरयादियों को धक्का देने. ये भी नहीं देखा कि सामने महिला है या पुरुष.