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हरीश राणा इच्छा मृत्यु केस: एडवोकेट मनीष जैन ने बताया सुप्रीम कोर्ट का वो भावुक पल, जब जजों की आंखें भी हो गईं नम

Harish Rana Case Advocate Manish Jain: हरीश राणा का केस लड़ने वाले एडवोकेट मनीष जैन से खास बातचीत. जानिए कैसे 14 साल के संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छा मृत्यु की इजाजत और उस वक्त कोर्ट रूम में क्या हुआ.

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हरीश राणा की इच्छा मृत्यु केस लड़ने वाले एडवोकेट मनीष जैन ने यूपी तक के साथ एक विशेष बातचीत में इस भावुक और कानूनी रूप से जटिल मामले के कई अनसुने पहलुओं को साझा किया है. हरीश राणा, जो पिछले 13-14 वर्षों से वेजिटेटिव स्टेट (Vegetative State) में थे, उनके लिए सुप्रीम कोर्ट ने 'पैसिव यूथेनेशिया' (इच्छा मृत्यु) की अनुमति दी है. आपको बता दें कि जनवरी 2024 में ब्रह्माकुमारी आश्रम की एक दीदी के माध्यम से यह मामला मनीष जैन के पास आया.