शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके बटुकों के लिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अलग ही बात कह दी, क्या बोल दिया?
Brajesh Pathak Shankaracharya Statement: प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई बदसलूकी पर बृजेश पाठक का बड़ा बयान. जानिए क्यों उन्होंने चोटी खींचने वालों को श्राप देते हुए कार्रवाई की बात कही.

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके बटुकों के साथ हुई घटना पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ा बयान दिया है. उन्होंने बटुकों की शिखा (चोटी) खींचने की घटना को महा अपराध बताया है. ब्रजेश पाठक ने कहा कि चोटी खींचना बिल्कुल गलत था और इसके लिए जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चोटी खींचना महा अपराध है. जिसने भी ऐसा किया होगा, उसे बहुत पाप पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रशासन को बल प्रयोग करना था तो लाठी जैसे अन्य संसाधनों का उपयोग किया जाना चाहिए था, लेकिन किसी की शिखा का अपमान नहीं करना चाहिए था.
क्या है अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ा ये विवाद?
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्नान के लिए जा रहे थे. प्रशासन का कहना है कि उन्हें बिना पालकी के जाने को कहा गया था ताकि भीड़ में अव्यवस्था न हो. शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि उन्हें अपमानित किया गया, उनके बटुकों की चोटी खींची गई और उन्हें मारने की साजिश रची गई.
इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विधानसभा में अपना रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि 4 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था सबसे ऊपर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जगहों पर जहां भगदड़ की आशंका हो, वहां नियमों और मर्यादाओं का पालन सबको करना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का शासन पालन करवाना सरकार जानती है और श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले आचरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता.










