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यूपी के युवाओं को अब दिल्ली-लखनऊ जाने की जरूरत नहीं, इस सरकारी योजना में मिल रही मुफ्त कोचिंग

UPSC, UPPCS, NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब संत कबीर नगर के विद्यार्थियों को दिल्ली या लखनऊ जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत हीरालाल डिग्री कॉलेज में मुफ्त कोचिंग, स्मार्ट क्लास और लाइब्रेरी की सुविधा मिल रही है.

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उत्तर प्रदेश के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत उन्हें अपने जिले में ही मुफ्त कोचिंग की सुविधा मिल रही है.

यहां UPSC, UPPCS, CDS, SSC, PET, NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है. संत कबीर नगर के हीरालाल डिग्री कॉलेज में चल रहा अभ्युदय कोचिंग सेंटर आसपास के ग्रामीण इलाकों के छात्र-छात्राओं को इसका लाभ दे रहा है.

इस योजना का फायदा उन युवाओं को मिल रहा है, जो पढ़ाई में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते. पहले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कई विद्यार्थियों को दिल्ली, लखनऊ और दूसरे बड़े शहरों में जाना पड़ता था. 

वहां कोचिंग फीस के साथ रहने और खाने का खर्च भी उठाना पड़ता था. ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों के लिए आसान नहीं होता था. अभ्युदय योजना के तहत अब विद्यार्थियों को अपने जिले में ही तैयारी का अवसर मिल रहा है.

एक ही सेंटर पर मिल रही हैं पढ़ाई की कई सुविधाएं

संत कबीर नगर के हीरालाल डिग्री कॉलेज में संचालित इस कोचिंग सेंटर पर विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए कई सुविधाएं दी जा रही हैं. यहां स्मार्ट क्लासरूम और लाइब्रेरी की व्यवस्था है. छात्रों को अनुभवी शिक्षकों से पढ़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन लेने का मौका मिल रहा है.

यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें UPSC और UPPCS जैसी परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू का अनुभव है. इससे विद्यार्थियों को विषयों को समझने और परीक्षा के हिसाब से तैयारी करने में मदद मिलती है. इन सुविधाओं के लिए विद्यार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग पूरी तरह निशुल्क है.

छात्रा निशा ने बताया कैसे मिल रहा फायदा

कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रही छात्रा निशा का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह योजना काफी मददगार है. पहले अच्छी कोचिंग के लिए पैसे खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब अपने जिले में ही मुफ्त पढ़ाई का मौका मिल रहा है.

निशा के मुताबिक, यहां अनुभवी शिक्षक पढ़ाते हैं. इससे उन विषयों को समझने में भी आसानी होती है, जिनमें पहले परेशानी आती थी. उन्हें इस योजना की जानकारी अपने कॉलेज और समाज कल्याण विभाग के माध्यम से मिली थी. 

इसके बाद उन्होंने आवेदन किया और कोचिंग में प्रशिक्षण लेना शुरू किया. निशा ने सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह की योजनाओं से बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है.

आकाश को भी घर के पास मिल रही तैयारी की सुविधा

कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र आकाश भी इस व्यवस्था से संतुष्ट हैं. उनका कहना है कि कॉलेज परिसर और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के जरिए उन्हें योजना की जानकारी मिली थी. इसके बाद उन्होंने आवेदन किया और यहां प्रशिक्षण लेना शुरू किया.

आकाश बताते हैं कि इस सेंटर पर UPSC, UPPCS, CDS, UPSSSC PET, NEET और IIT-JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. यहां स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और अनुभवी शिक्षकों की सुविधा है. 

उनके मुताबिक, बड़े शहरों में मिलने वाली कोचिंग जैसी पढ़ाई अपने जिले में ही उपलब्ध होने से गरीब परिवारों के बच्चों को राहत मिलती है. उन्हें बाहर जाकर रहने और पढ़ने पर अतिरिक्त पैसे खर्च नहीं करने पड़ते.

आकाश का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था उन युवाओं के लिए फायदेमंद है, जो आर्थिक परेशानी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू नहीं कर पाते. घर के पास कोचिंग होने से उनका समय भी बचता है और परिवार पर आर्थिक बोझ भी नहीं बढ़ता.

2021 में शुरू हुई थी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 फरवरी 2021 को की थी. इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग और बेहतर मार्गदर्शन देना है. योजना के तहत ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है. 

योजना का संचालन समाज कल्याण विभाग के माध्यम से किया जा रहा है. इसके लिए जिला स्तर पर भी व्यवस्था बनाई गई है. आधिकारिक योजना पोर्टल के मुताबिक, प्रदेश के सभी 75 जिलों में अभ्युदय योजना संचालित है. यहां अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शिक्षक और विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हैं.