लेटेस्ट न्यूज़

जब SDM अंगद यादव को दी थी 'तमीज' वाली हिदायत... IAS की नौकरी छोड़ने के बाद चर्चे में दिव्या मित्तल!

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के बाद देवरिया की पूर्व डीएम दिव्या मित्तल का वह पुराना किस्सा चर्चा में है, जिसमें उन्होंने चौपाल के दौरान एसडीएम को तमीज से बात करने और अधिकारियों को टाइट करने की हिदायत दी थी.

ADVERTISEMENT

Divya Mittal News
Divya Mittal News
social share
Google CTA

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सर्विस के बाद प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है. अपने पद से त्यागपत्र देने के समय वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं. दिव्या मित्तल के आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद वह एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं. ऐसे में उनका एक पुराना वाकया तेजी से चर्चा में है, जब उन्होंने देवरिया की डीएम रहते हुए एसडीएम की भरी सभा में क्लास लगा दी थी.

जब डीएम दिव्या मित्तल ने एसडीएम को सिखाई थी 'तमीज'

अपने कड़क और तेज-तर्रार अंदाज के लिए जानी जाने वाली दिव्या मित्तल का एक पुराना किस्सा चर्चा में है. मामला देवरिया जिले का था, जब वह वहां की जिलाधिकारी (DM) थीं. 27 अगस्त 2024 को डीएम दिव्या मित्तल तहसील बरहज के अंतर्गत जलभराव से प्रभावित गांव भदिला प्रथम का निरीक्षण करने और चौपाल लगाने पहुंची थीं.

चौपाल के दौरान जब महिला ग्राम प्रधान विंध्यवासिनी देवी ने शिकायत की कि उनकी समस्याओं को ठीक से नहीं सुना जाता और उनके प्रतिनिधि (पति) को दफ्तरों के चक्कर कटवाए जाते हैं, तो पास बैठे एसडीएम अंगद यादव बीच में ही इसका विरोध करने लगे. इस पर दिव्या मित्तल ने एसडीएम को तुरंत रोकते हुए सख्त लहजे में कहा था, "तमीज से बात रखिए और कोई भी जाए, एक ग्रामीण भी जाए तो उसकी समस्या या गांव की समस्या को सुना जाए. अपने अधिकारियों को थोड़ा टाइट करिए."

ये है उस घटना का वीडियो 

IIT, IIM से लंदन की नौकरी और फिर IAS बनने का सफर

23 नवंबर 1983 को जन्मी और नई दिल्ली की रहने वाली दिव्या मित्तल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद शानदार रही है. उन्होंने IIT दिल्ली से B.Tech और IIM बेंगलुरु से PGDM की पढ़ाई की. सिविल सेवा में आने से पहले वह लंदन में एक विदेशी डेरिवेटिव व्यापारी के रूप में नौकरी कर रही थीं. हालांकि, देश में न होने की कसक के कारण वह भारत लौट आईं और सिविल सेवा की तैयारी की.

2 सितंबर 2013 को वह आईएएस बनीं. मसूरी स्थित LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान दो साल के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित अशोक बंबावले पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उनके पति गगनदीप सिंह भी 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.

मेरठ से देवरिया तक ऐसा रहा प्रशासनिक सफर

अवधि (समयावधि) पद (Post) स्थान / विभाग
27 नवंबर 2015 – 2 मई 2017 ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मेरठ
3 मई 2017 – 17 अप्रैल 2018 मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोंडा
17 अप्रैल 2018 – 15 फरवरी 2019 ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर UPSIDC, कानपुर
15 फरवरी 2019 – 11 सितंबर 2020 वाइस चेयरमैन बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी
11 सितंबर 2020 – 17 सितंबर 2022 जिलाधिकारी (DM) संत कबीर नगर
17 सितंबर 2022 – 1 सितंबर 2023 जिलाधिकारी (DM) मीरजापुर
4 सितंबर 2023 – 1 फरवरी 2024 प्रतीक्षारत लखनऊ
1 फरवरी 2024 – 13 जुलाई 2024 CEO UPRRDA, लखनऊ
13 जुलाई 2024 – 6 मई 2026 जिलाधिकारी (DM) देवरिया
6 मई 2026 से आगे विशेष सचिव (आखिरी पोस्टिंग) राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन

इस्तीफे के बाद भावुक हुईं दिव्या मित्तल

13 साल की इस प्रशासनिक यात्रा को विराम देने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा कि उन्हें लोगों की सेवा करने का मौका मिला और सबसे बड़ा सुकून उस परिवार की आंखों में दिखा जिसे पहली बार जमीन का हक मिला, उस दिव्यांग में दिखा जिसे सम्मान मिला और उस किसान में दिखा जिसके खेत को पानी मिला.

उन्होंने मीरजापुर के लहुरिया दह की पहाड़ी की उस वृद्ध महिला को भी याद किया, जिसने गांव में पहली बार पानी पहुंचने पर उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था. दिव्या मित्तल ने कहा, "पद भले छूट गया, लेकिन वह स्पर्श और देश की मिट्टी से मिला सपना नहीं छूटेगा."

ये भी पढ़ें: पति भी IAS, खुद IIT-IIM से पढ़ीं और 13 साल तक संभाली जिम्मेदारी, फिर अब दिव्या मित्तल ने क्यों छोड़ी आईएएस की नौकरी?