Opinion: प्रयागराज महाकुंभ भगदड़ मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश-30 दिन में पीड़ितों को मुआवजा, 'न्याय' की राह हुई आसान
प्रयागराज महाकुंभ भगदड़ मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने जिला प्रशासन को 30 दिनों के भीतर सभी मुआवजा दावों का निपटारा करने का निर्देश दिया है.
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Allahabad high court (Photo: ITG)
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर प्रयागराज में जब करोड़ों कंठ से ‘हर हर गंगे’ का उद्घोष उठता है तो वह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होता, वह भारत की आत्मा का स्पंदन होता है. महाकुंभ इस देश की उस अखंड आस्था का प्रतीक है जो सदियों से बहती आ रही है, जो राजाओं के उत्थान-पतन से नहीं डिगी, जो आक्रांताओं की तलवारों से नहीं टूटी. पिछले महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या ने तमाम रिकॉर्ड तोड़ डाले. ऐसे आयोजन में मौनी अमावस्या की उस रात भगदड़ में कई लोगों ने अपने प्रियजन खोए. उनका दर्द असली है, उनके आंसू असली है. इस दर्द को सरकार व न्यायपालिका, दोनों ने महसूस किया.