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बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा देने पहुंचीं यूपी की इन बेरोजगार लड़कियों, लड़कों का दर्द सुनिए, महसूस करिए

यूपी तक

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Bihar Shikshak Bharti News: बिहार शिक्षक भर्ती के लिए बंपर भर्तियां निकली हैं. ऐसे में इसकी परीक्षा में करीब 1 लाख 70 हजार से ज्यादा सीटों पर 9 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. ऐसे में बिहार के साथ-साथ कई अलग-अलग राज्यों के अभ्यर्थी इसमें हिस्सा ले रहे हैं. बुधवार रात उत्तर प्रदेश से लाखों की संख्या में अभ्यर्थी पटना पहुंचे. इन अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र बिहार के अलग-अलग जिलों में हैं. हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने पटना जंक्शन पर ही रात बिताई. इस बीच यूपी तक के सहयोगी चैनल बिहार तक की टीम आधी रात को पटना जंक्शन पहुंची. जानिए अभ्यर्थियों ने हमें क्या-क्या बताया?

‘बेरोजगारी का दर्द इतना है कि…’

इस दौरान कुछ लड़कियां किताबें खोलकर जंक्शन पर ही पढ़ाई करती नजर आईं. इस दौरान यूपी से बिहार परीक्षा देने आईं गरिमा वर्मा बताती ने बताया, “जनरल बोगी में इतनी भीड़ थी कि हम एसी बोगी में चढ़ गए. इसके बाद टीटी ने हमें तीन-तीन बार उतार दिया. हमारे पास फिर भी कोई दूसरा रास्ता नहीं था. हम फिर…टीटी से लड़कर पटना पहुंचे.” गरिमा कहती हैं, “मैंने जो किया वह गैर कानूनी था. लेकिन हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था. क्योंकि बेरोजगारी का दर्द इतना है कि रोजगार के लिए किसी भी राज्य में किसी भी कीमत पर परीक्षा देने पहुंच जाएंगे.”

‘अगर सीएम योगी शक्तिशाली होते तो…’

यूपी के प्रतापगढ़ से आए विकास पांडे ने कहा, “अगर हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शक्तिशाली होते, तो हमें परीक्षा देने नीतीश कुमार के वैशाली नहीं आना पड़ता.” विकास पांडे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की. विकास कहते हैं, “ये नीतीश कुमार की पहली सरकार है, जिसने इतनी भारी संख्या में शिक्षकों की बहाली निकाली है. वरना हमारी यूपी की सरकार पिछले 5 सालों में 1 हजार भी शिक्षकों के लिए भर्ती नहीं निकाल पाई है.”

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‘यूपी में लॉ एंड ऑर्डर तो बहुत बढ़िया है लेकिन…’

विकास पांडे ने कहा, “हमारी सरकार को भी शिक्षकों के लिए बहाली निकालनी चाहिए. नहीं तो आने वाले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को भारी नुकसान हो सकता है. यूपी में लॉ एंड ऑर्डर तो बहुत बढ़िया है लेकिन रोजगार की हालत एकदम खस्ता है. मैं कहता हूं कि पूरे देश में योगी नहीं बल्कि नीतीश मॉडल लागू करना चाहिए. सभी सरकारों को अपने-अपने राज्यों में शिक्षकों के लिए बहाली निकालने की जरूरत है.”

वहीं मौजूद एक दूसरे व्यक्ति ने बताया की उसकी उम्र निकल रही है, पढ़ाई पूरी करने के बावजूद नौकरी नहीं मिल रही. इस चक्कर में शादी भी नहीं हो रही है. इसी तरह वहां मौजूद कई लोगों ने अपने दुख की दास्तां हमें बयां की.

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बिहार से अनिकेत कुमार की रिपोर्ट

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