शस्त्र लाइसेंस मामले में राजा भैया के करीबी MLC अक्षय प्रताप सिंह की जमानत निरस्त

शस्त्र लाइसेंस मामले में राजा भैया के करीबी 
MLC अक्षय प्रताप सिंह की जमानत निरस्त
राजा भैया और अक्षय प्रताप सिंह.फोटो: अक्षय प्रताप सिंह के फेसबुक पेज

प्रतापगढ़ में कुंडा के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह की जमानत निरस्त कर गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है. फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में डीजे कोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह की जमानत रद्द की है. कोर्ट ने जमानतदारों को भी नोटिस जारी करने के लिए कहा है.

एमएलसी अक्षय प्रताप ने साल 1997 में नगर कोतवाली सिविल लाइन के पते पर एक शस्त्र लाइसेंस लिया था, जिसमें तत्कालीन नगर कोतवाल डीपी शुक्ल ने पते को फर्जी बताते हुए केस पंजीकृत किया था. उसके बाद चार्जशीट दाखिल की थी.

15 मार्च 2022 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अक्षय प्रताप को फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस के मामले में दोषी माना था. 22 मार्च को सजा सुनाने के लिए फैसला सुरक्षित रखा था. 23 मार्च में सुनवाई के बाद अंतिम फैसला सुनाते हुए 7 साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना लगाया और उन्हें जिला कारागार जाना पड़ा था.

एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले को उन्होंने जिला अदालत में चुनौती दी. जिला जज ने सजा पर स्टे लगाते हुए तुरंत रिहा करने का आदेश दे दिया था. जिसके बाद 24 मार्च को ही जेल से बाहर आ गए थे.

इस मामले में अक्षय प्रताप को 20 अप्रैल को जिला जज कोर्ट में पेश होना था, लेकिन उनके वकील ने कोर्ट में हाजरी माफीनामा प्रस्तुत किया और 22 अप्रैल को भी कोर्ट में सुनवाई के दौरान नहीं पहुंचे थे.

इस बार वकील के माफीनामे को नामंजूर करते हुए अक्षय प्रताप की जमानत निरस्त कर दी और उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दे दिया.

राजा भैया और अक्षय प्रताप सिंह.
राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप को शस्त्र लाइसेंस केस में 7 साल की सजा-10 हजार का जुर्माना

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