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Vyatipat Yog 2026: सूर्य और चंद्रमा के टकराव से बनेगा व्यातिपात योग, इन 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 27 मई 2026 से व्यातिपात योग का निर्माण हो रहा है, जो 30 मई तक प्रभावी रहेगा. सूर्य और चंद्रमा की 180 डिग्री स्थिति के कारण बनने वाला यह योग सभी राशियों पर असर डाल सकता है.

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मई 2026 में एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खगोलीय संयोग बनने जा रहा है, जिसे व्यातिपात योग कहा जाता है. यह योग सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति के कारण निर्मित होता है और इसका असर सभी राशियों पर देखने को मिलता है.
 

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27 मई 2026 की सुबह लगभग 3 बजे यह योग प्रारंभ होगा और 30 मई तक इसका प्रभाव बना रहेगा. इस दौरान सूर्य और चंद्रमा एक-दूसरे के ठीक सामने यानी 180 डिग्री की स्थिति में आ जाते हैं, जिससे ब्रह्मांडीय ऊर्जा में बड़ा परिवर्तन माना जाता है.
 

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ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग के समय ऊर्जा असंतुलित और संवेदनशील मानी जाती है, जिसके कारण मानसिक तनाव, निर्णयों में देरी और कार्यों में रुकावट जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं. इसलिए इस अवधि को सामान्य रूप से सावधानी वाला समय माना जाता है.
 

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इस अवधि में किसी भी नए कार्य, शुभ कार्य या महत्वपूर्ण शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि इस समय किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं या परिणाम अपेक्षित नहीं मिलते.
 

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वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत देता है. इस दौरान किसी भी प्रकार के बड़े निवेश, लेन-देन या वित्तीय जोखिम से बचना बेहतर माना गया है और धैर्य बनाए रखना आवश्यक है.
 

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सिंह राशि के जातकों को कार्यस्थल पर विशेष सावधानी रखने की जरूरत होगी. इस समय सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ मतभेद या गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए किसी भी निर्णय को सोच-समझकर लेना उचित रहेगा.
 

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कन्या राशि के लोगों के लिए यह समय वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखने का संकेत देता है. इस अवधि में कही गई बातों को गलत तरीके से समझा जा सकता है, जिससे अनावश्यक विवाद या तनाव की स्थिति बन सकती है.
 

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कुल मिलाकर यह योग ज्योतिष में एक संवेदनशील अवधि माना गया है, जिसमें संयम, सावधानी और शांत निर्णय लेने की सलाह दी जाती है ताकि किसी भी प्रकार की नकारात्मक स्थिति से बचा जा सके.