घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, ऊंचे टीले और शांत पानी का जादू... वाइल्डलाइफ लवर्स देखें चबंल सेंच्युरी की 7 अनदेखी तस्वीरें
National Chambal Sanctuary: नेशनल चंबल सेंचुरी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध वन्यजीव और इको-टूरिज्म स्थल है. यहां घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, मगरमच्छ, दुर्लभ कछुए और प्रवासी पक्षी आकर्षण का केंद्र हैं. स्वच्छ चंबल नदी, बीहड़ और बोट सफारी पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाते हैं.
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नेशनल चंबल सेंच्युरी उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव स्थलों में से एक है. यह प्रकृति और शांति प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन जगह मानी जाती है.

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यह सेंच्युरी विशेष रूप से संकटग्रस्त घड़ियालों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें यहां नदी के किनारों पर आसानी से देखा जा सकता है.

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यह सेंच्युरी सैकड़ों प्रजातियों के स्थानीय और प्रवासी पक्षियों (Migratory Birds) का आश्रय स्थल है. यहां सर्दियों में रंग-बिरंगे विदेशी पक्षी आते हैं.

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घड़ियालों के अलावा इस संरक्षित क्षेत्र में मगरमच्छों और कछुओं की कई दुर्लभ प्रजातियां भी पाई जाती हैं, जो यहां का अहम हिस्सा हैं.

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चंबल नदी का साफ पानी अत्यंत दुर्लभ और विलुप्तप्राय 'गंगा डॉल्फिन' (सोंस) का भी घर है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनती हैं.

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यहां बहने वाली चंबल नदी को भारत की सबसे साफ और प्रदूषण मुक्त नदियों में गिना जाता है, जिसके शांत पानी और ऊंचे मिट्टी के टीले (Ravines) खूबसूरत नजारा पेश करते हैं.

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पर्यटकों के लिए यहां बोट सफारी (नौका विहार) की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध है, जिसके जरिए लोग पानी के जीवों और जलीय प्राकृतिक सुंदरता को बेहद करीब से देख सकते हैं. (तस्वीरें यूपी टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट से ली गई हैं.)
( यह खबर यूपी Tak के साथ इंटर्नशिप कर रहे आशुतोष पाण्डेय ने संपादित की है.)