सपा नेता आजम खान की रिहाई का सपना टूटा, 27 महीनों से हैं सलाखों के पीछे

सपा नेता आजम खान की रिहाई का सपना टूटा, 27 महीनों से हैं सलाखों के पीछे
आजम खानफोटो: चंद्रदीप कुमार, इंडिया टुडे

रामपुर. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की रिहाई अब दूर की कौड़ी नजर आ रही है. आजम खान पिछले 27 महीनों से सीतापुर जेल में बंद हैं. उन्हें 87 मामलों में से 86 में जमानत मिल चुकी है, लेकिन एक मामले में पिछले 5 माह से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में फैसला सुरक्षित है.

अहम बिंदु

अपनी इस लाचारगी पर आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जिसपर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय द्वारा निर्णय सुनाए जाने में देरी पर कड़े तेवर दिखाए. इसके बाद आजम खान के जेल से रिहाई की उम्मीद जताई जाने लगी थी, लेकिन तू डाल-डाल मैं पात-पात की कहावत को चरितार्थ करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2020 से धारा 420 के अंतर्गत रामपुर एमपी एमएलए कोर्ट में चल रहे मामले में दाखिल किए गए आरोप पत्र पर पुन: विवेचना कर आजम खान को गंभीर धाराओं के आरोपी बना दिया है.

अदालत ने इस मामले में आजम खान को न्यायिक अभिरक्षा में रखते हुए पेशी के लिए 19 मई की तरीख तय की है. तब तक आजम खान की रिहाई मुमकिन नहीं होगी ऐसे में जल्दी ही आजम खान को सलाखों से बाहर देखने का ख्वाब देख रहे उनके समर्थकों के लिए बड़ा झटका है.

ये है पूरा मामला

रामपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में सन 2020 से चल रहे मुकदमे में जिसमें आरोप था कि आजम खान के ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे रामपुर पब्लिक स्कूल की तीन अलग-अलग शाखाओं के लिए कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर गलत तरीके से मान्यता प्राप्त कर ली गई थी. हालांकि पुलिस ने इस मामले में अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल करते हुए आजम खान की पत्नी डॉक्टर तजीन फातमा को धारा 420 के अंतर्गत आरोपी बना दिया था, लेकिन  इस मामले के शिकायतकर्ता और भारतीय जनता पार्टी के नेता आकाश सक्सेना उर्फ हनी ने पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट पर सवाल खड़े करते हुए इस मामले में आजम खान को भी आरोपी बनाए जाने की मांग की थी.

पुलिस ने इस मामले में अतिरिक्त विवेचना करने के लिए अदालत से अनुमति मांगी और अदालत की अनुमति के आधार पर इस मामले में विवेचना की तो कई मामले नियम के विरुद्ध पाए गए जिसमें नेशनल बिल्डिंग कोड के अंतर्गत,  जिस अधिकारी की एनओसी लगाई गई थी उसने अपना पत्र होने से इनकार कर दिया. इस दस्तावेज को कूट रचित मानते हुए पुलिस ने फिर की गई विवेचना में अब आजम खान के विरुदृध धारा 420 467 468 471 और 120 बी के अंतर्गत आरोप पत्र दाखिल किया है.

यह भारतीय दंड संहिता की बेहद गंभीर धाराएं हैं जो धोखाधड़ी कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर मामलों में लगाई जाती हैं. इनमें उम्र कैद तक का प्रावधान है. ऐसे में आजम खान की मुश्किलें अभी कम होती नजर नहीं आ रहीं.

भाजपा नेता आकाश सक्सेना उर्फ हनी ने कहा— देखिए 2020 में जब हमारे द्वारा इनके कई शिकायतें थीं उसमें एक शिकायत यह भी थी कि आजम खान ने रामपुर पब्लिक स्कूल की जो मान्यताएं ली थीं उसमें कई सरकारी कागज कुछ ऐसे थे जिसमें एक स्कूल के नाम जारी करवा कर और 3-3 स्कूलों की उसमे मान्यतायें ली गई थीं. चाहे वह फायर की एनओसी रही हो यह नेशनल बिल्डिंग कोड के कुछ सर्टिफिकेट होते हैं, वह रहा हो तो इस तरीके की चीजों की जांच हुई तो जांच में मार्च 2020 में कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया.

हनी ने आगे कहा कि अज्ञात के खिलाफ और विवेचक द्वारा उसमें जांच करने के बाद उसमें तंजीम फातिमा के विरोध चार्ज शीट लगाई जाती है, लेकिन लगातार तब से यह बात कहते आ रहे थे कि यह चार्जशीट गलत लगी है, क्योंकि अभी इसमें और जांच की आवश्यकता है, लेकिन तब इन चीजों पर ध्यान नहीं दिया गया और प्लान वे में रन कहे या जानबूझकर कहें उसमें चार्जशीट लगा दी गई.

उस केस को बंद करने की कोशिश की गई अब दोबारा से उसमें जांच शुरू हुई और उस जांच में यह पाया गया कि जो नेशनल बिल्डिंग कोड के सर्टिफिकेट होते हैं, नियम के आधार पर स्कूल में वो सर्टिफिकेट पीडब्ल्यूडी या आरईएस के द्वारा जारी किया जाता है. ए लेवल्स के बड़े अधिकारी से ऊपर उस सर्टिफिकेट को बनवाया जाता है. आजम ने वह सर्टिफिकेट फर्जी c&ds के आरके सुमन के हस्ताक्षर द्वारा बनाया गया इसमें बहुत गहराई से जांच की गई और इसमें चीजों को सही पाया गया.

इसके बाद आजम को 420 467 468 471 120 बी में मुलजिम बनाकर और इसके वारंट आज जारी किए हैं और मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि इस तरीके की जो चीजें आजम ने क्योंकि हमेशा अगर आप देखें इनके विरूद्ध जितने मुकदमे हैं उसमें सबसे महत्वपूर्ण मुकदमा इन्हीं तरीके के हैं सरकारी कागजों में उसको प्लान कर कर उस कागजों को तैयार कर कर हमेशा अपना फायदा उठाने के लिए इन चीजों को उन्होंने आगे बढ़ाया. हनी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि सारे मामले को देखते हुए और इन्हीं सब चीजों में न्यायपालिका उचित फैसला लेगी.

अहम बिंदु

हनी ने बताया कि ये यतीम खाने को तोड़कर जो स्कूल बनाया गया था उस स्कूल की बात हो रही है. रामपुर पब्लिक स्कूल है देखिए एक कागज पर 3-3 स्कूलों की परमिशन ली गई थी. अब इन चीजों की थोड़ी गहराई में जाएंगे तो सबसे बड़ी बात यह है कि आप बिल्डिंग की फिटनेस का सर्टिफिकेट आप फर्जी बनवा रहे हैं. कल को उसी स्कूल में बच्चे पढ़ते हैं. कुछ घटना घटती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा.

हनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में इतने महत्वपूर्ण पद पर बैठने के बाद इस आदमी ने सिर्फ और सिर्फ अपने फायदे के लिए सारे काम किए हैं. इस आदमी को कभी किसी के जीवन की चिंता नहीं हुई और हमेशा लोगों की जिंदगियों से खेला है. आज जो भी कुछ चीजें सामने आ रही हैं और अब उसी चीज का परिणाम है जो जिसने किया वैसा ही उसका फल भुक्तेगा. 70/2020 यह मुकदमा है कोतवाली में दर्ज है. तभी ये बताया था कि उसमें चार्ज शीट लग रखी थी.

अब उसमें वापस जांच हुई है और जांच के सामने यह तत्व सामने आया है जब विवेचक ने सारी जो जाचे हैं वह बारीकी से की और मैं तो यह भी मांग करूंगा कि उस समय का जो विवेचक है उसके विरोधी ये जांच होनी चाहिए कि तत्व है जब हम लगातार कह रहे थे तो जांच क्यों नहीं की गई. न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. हमेशा की तरह हमने यही कहा है न्यायपालिका पर हमें पूरा भरोसा न्यायपालिका बिलकुल सही फैसला करें करेगी.

पुलिस के लिखित वक्तव्य के मुताबिक आज दिनांक 06/05/2022 को माननीय न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम / स्टेशन कोड (एम.पी,एम.एल.ए) रामपुर द्वारा थाना कोतवाली जनपद रामपुर पंजीकृत मुं.अ.स. 70/2020 धारा 420/120बी भादवि में अग्रेस्तर विवेचनात्मक कार्यवाही करते हुए एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में अभियुक्त मोहम्मद आजम खान पुत्र मुमताज खां निवासी घेर मीर बाज खां टंकी नंबर 5 थाना गंज जनपद रामपुर का नाम प्रकाश में आने के बाद अभियोग में धारा 420/467/468/471/120 बी भादवि के अंतर्गत वारंट निर्गत किया गया है जिसकी तामील हेतु विवेचक/प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, जनपद रामपुर जिला कारागार, सीतापुर रवाना हो चुके हैं.

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