शाहजहांपुर के अगौना बुजुर्ग गांव में यूपी Tak की टीम ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर ग्राउंड जीरो पर पड़ताल की है. यह गांव इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार का पैतृक गांव है, लेकिन इसके बावजूद यहां के ग्रामीण विकास की कमी को लेकर काफी आक्रोशित हैं.
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अगौना बुजुर्ग राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार का पैतृक गांव है, यहां उनका पुश्तैनी घर भी स्थित है. सांसद का गांव होने के बावजूद यहां की सड़कें कच्ची हैं या उन पर केवल खड़ंजा बिछा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि विकास यहां 'ढूंढने से भी नहीं मिलता'.
ग्रामीणों ने बताया कि पानी की टंकी बिछाने के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है और उनकी मरम्मत नहीं कराई गई. गांव में बड़ी पानी की टंकी अभी तक नहीं लगी है, केवल पाइप डालकर छोड़ दिए गए हैं. जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भर जाता है और गांव से निकलना मुश्किल हो जाता है.
प्रधान और प्रशासन से नाराजगी
वर्तमान ग्राम प्रधान के कामकाज से किसान बेहद नाराज हैं. लोगों का कहना है कि प्रधान ने कोई ठोस विकास कार्य नहीं किया है. एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि उन्हें आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला, जबकि पात्र होने के बावजूद उनकी अनदेखी की गई. ग्रामीणों की शिकायत है कि चुनाव जीतने के बाद कोई भी नेता या अधिकारी गांव की सुध लेने नहीं आता.
ग्रामीण बताते हैं कि सांसद मिथिलेश कुमार कभी-कभार गांव आते हैं, लेकिन विकास के मुद्दों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं. यहां तक कि प्रधान के रिश्तेदारों ने भी स्वीकार किया कि सांसद बहुत कम समय के लिए गांव आते हैं और विकास अभी भी अधूरा है.
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