ब्राह्मणों के बाद अब लोधी बिरादरी ने बढ़ाई बीजेपी की टेंशन, क्या है इसके पीछे की वजह?

Lodhi community meeting: उत्तर प्रदेश में लोधी बिरादरी ने लखनऊ में एक बैठक बुलाई जिसमें कई बड़े लोधी नेता शामिल हुए. यह बैठक बीजेपी के अंदर बढ़ते जातीय दबाव को दर्शाती है जहां लोधी बिरादरी अपनी अहमियत और ताकत को महसूस कराना चाहती है.

कुमार अभिषेक

• 08:38 AM • 10 Feb 2026

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Lodhi community meeting: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.अभी प्रदेश में ब्राह्मणों की कथित नाराजगी की खबरें ठंडी भी नहीं हुई थीं कि अब लोधी बिरादरी ने भी अपनी एकजुटता दिखाकर संगठन के भीतर हलचल पैदा कर दी है. लखनऊ में हाल ही में हुई लोधी समाज की बड़ी बैठक को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है जिसने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की बैलेंसिंग रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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लोधी बनाम कुर्मी: विवाद की जड़ क्या है?

इस ताजा विवाद की शुरुआत महोबा से हुई जहां लोधी बिरादरी के दबंग विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (कुर्मी बिरादरी) के बीच तीखी भिड़ंत हुई. आरोप है कि विधायक के मना करने के बावजूद मंत्री उनके विरोधी पक्ष के कार्यक्रम में शामिल हुए. मामला इतना बढ़ा कि मंत्री को रोकने की कोशिश हुई और बाद में विधायक को नोटिस दिए जाने तक की चर्चा चली. इस घटना ने बीजेपी के भीतर लोधी बनाम कुर्मी संघर्ष को हवा दे दी है.

क्यों नाराज है लोधी समुदाय?

लोधी बिरादरी को बीजेपी का सबसे वफादार वोट बैंक माना जाता है.पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के दौर से ही यह समाज हिंदुत्व और बीजेपी के साथ मजबूती से खड़ा रहा है.हालांकि मौजूदा समय में इस समाज के भीतर कुछ मुख्य शिकायतें पनप रही हैं. लोधी नेताओं को लगता है कि चुनाव में बड़ी मदद के बावजूद उन्हें संगठन में वो अहम पद नहीं मिले जिसके वे हकदार थे. चर्चा थी कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष लोधी समाज से होगा जिसमें बीएल वर्मा या धर्मपाल सिंह का नाम सबसे ऊपर था. लेकिन कुर्मी समाज को साधने के लिए पंकज चौधरी को अध्यक्ष बना दिया गया जिससे लोधी समाज को इग्नोर किए जाने का अहसास हुआ.समाज के भीतर यह चर्चा है कि बीजेपी उन्हें टेकन फॉर ग्रांटेड ले रही है.

सपा की सेंधमारी और बीजेपी का प्रेशर

बीजेपी की चिंता का सबसे बड़ा कारण समाजवादी पार्टी की बढ़ती सक्रियता है. अखिलेश यादव अक्सर लोधी कार्ड खेलते रहे हैं. गौर करने वाली बात यह है कि हमीरपुर-महोबा क्षेत्र में जो लोधी बाहुल्य है इस बार समाजवादी पार्टी ने अपना लोधी सांसद जिताकर बीजेपी के किले में सेंध लगा दी है. ऐसे में बीजेपी इस बिरादरी की नाराजगी झेलने की स्थिति में नहीं है.

बीजेपी का 'डैमेज कंट्रोल'

लोधी समाज की लखनऊ बैठक के बाद बीजेपी अब फाइन बैलेंस बनाने में जुट गई है. जिस बृजभूषण राजपूत को नोटिस देने की बात थी अब उस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है. विधायक बृजभूषण राजपूत ने दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना पक्ष मजबूती से रखा है.पार्टी अब यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि लोधी समाज की अहमियत कम नहीं हुई है ताकि 2027 में किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके.

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