Mayawati reaction on UP Madrasa Board Act: मदरसा एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मायावती ने दिया रिएक्शन, योगी सरकार को दी ये सलाह

यूपी तक

05 Nov 2024 (अपडेटेड: 05 Nov 2024, 04:53 PM)

Mayawati reaction on UP Madrasa Board Act : सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड एक्ट 2004 को संवैधानिक करार दिया है.

BSP Mayawati

बसपा सुप्रीमो मायावती

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Mayawati reaction on UP Madrasa Board Act : सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड एक्ट 2004 को संवैधानिक करार दिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले को पलटते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने यूपी मदरसा बोर्ड की संवैधानिकता को बरकरार रखा है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. 

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मायावती ने कही ये बात

Mayawati Reaction on Madrasa Board Act:मायावती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स(X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, 'सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज एक अहम फैसले में यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड कानून-2004 को वैध व संवैधानिक करार दिए जाने के फैसले का स्वागत. इससे यूपी में मदरसा शिक्षा को लेकर उपजे विवाद व हजारों मदरसों की अनिश्चितता को अब निश्चय ही समाप्त होने की संभावना. इस पर सही से अमल जरूरी.सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब खासकर यूपी के मदरसों को मान्यता मिलने और उनके सुचारू संचालन में स्थायित्व आने की संभावना है. अदालत ने कहा कि मदरसा एक्ट के प्रावधान संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हैं और ये धार्मिक अल्पसंख्यकों के शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा करते हैं.'

सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

Supreme Court Big Decision:सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूपी मदरसा एक्ट की वैधता पर बड़ा फैसला सुनाया, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के 22 मार्च 2024 के फैसले को पलटते हुए इस एक्ट की संवैधानिकता को मान्यता दी. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस एक्ट को संविधान के मौलिक ढांचे के खिलाफ माना था और छात्रों के दाखिले सामान्य स्कूलों में कराने का आदेश दिया था. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने इसे सही नहीं करार दिया.

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के फैसले को पलटते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने यूपी मदरसा बोर्ड की संवैधानिकता को बरकरार रखा है. हालांकि, कुछ प्रावधानों को छोड़कर, अदालत ने 'उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004' की संवैधानिक वैधता को स्वीकार कर लिया है. इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि अधिनियम का बड़ा हिस्सा कानूनन वैध और संविधान के अनुरूप है. इस निर्णय के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यूपी के मदरसे सुचारु रूप से चलते रहेंगे.