अमेठी की गौरीगंज विधानसभा से विधायक राकेश प्रताप सिंह अब औपचारिक तौर पर भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं. उन्होंने 14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता लेने का ऐलान किया है. उनके साथ अयोध्या के गोसाईगंज विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी के भी भाजपा में शामिल होने की बात सामने आई है. राकेश प्रताप सिंह ने खुद इसकी जानकारी दी है.
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गौरीगंज में होगा सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम
राकेश प्रताप सिंह के मुताबिक 14 अक्टूबर को गौरीगंज में सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम होगा. कार्यक्रम उनके आवास के पास आयोजित किया जाएगा. इसमें पूर्व सांसद स्मृति ईरानी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के कई नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है.
राकेश प्रताप सिंह ने गुरुवार दोपहर अपने आवास पर भाजपा में जाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि 14 अक्टूबर को हजारों कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा की सदस्यता लेंगे. उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि जो राम और राष्ट्र का नहीं, उनके साथ वह नहीं चल सकते.
तीनों विधायक कौन हैं?
राकेश प्रताप सिंह अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं. 2012 से गौरीगंज से चुनाव जीतते रहे हैं और 2022 में भी सपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे.
अभय सिंह अयोध्या की गोसाईगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी. 2024 के राज्यसभा चुनाव के बाद सपा से बागी विधायकों में शामिल हो गए थे. जून 2025 में सपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
विनोद चतुर्वेदी जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट से विधायक हैं. उन्होंने 2022 में सपा के टिकट पर चुनाव जीता था. राज्यसभा चुनाव के दौरान उनकी भी सपा से दूरी सामने आई थी और बाद में भाजपा खेमे के करीब नजर आए.
भाजपा में जाने से पहले क्या हुआ था?
राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह की सपा से दूरी 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान सामने आई थी. उस चुनाव में सपा के कुछ विधायकों ने पार्टी के निर्देश के उलट भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में वोट किया था. राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह भी उन विधायकों में शामिल थे.
हालांकि, क्रॉस वोटिंग के तुरंत बाद सपा ने इन दोनों को पार्टी से बाहर नहीं किया था. करीब 16 महीने बाद जून 2025 में सपा ने राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. पार्टी ने इनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया था.
निष्कासन के बाद क्या स्थिति थी?
सपा से निष्कासन के बाद इन विधायकों की विधानसभा सदस्यता खत्म नहीं हुई थी. वे विधायक बने रहे, लेकिन पार्टी के अधिकृत सदस्य नहीं रहे. विधानसभा में उन्हें अनअटैच्ड सदस्य की स्थिति में माना गया.
इसके बाद राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह की भाजपा नेताओं के साथ नजदीकी भी सामने आती रही. अगस्त 2026 में दोनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. अब राकेश प्रताप सिंह ने 14 अक्टूबर को भाजपा की औपचारिक सदस्यता लेने की घोषणा कर दी है.
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