UP Political News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 'SIR' (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के माध्यम से चुनाव प्रभावित कर रही है, जैसा कि बिहार चुनाव में देखा गया और अब पश्चिम बंगाल में भी यही कोशिश जारी है. अखिलेश यादव ने बंगाल की मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को बीजेपी की काली करतूतों को उजागर करने के लिए काला कोट पहनकर सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा.
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अखिलेश नंदलाल को लाए साथ और फिर किया ये काम
अखिलेश यादव अपने साथ सुल्तानपुर के रहने वाले नंदलाल को मीडिया के सामने लेकर आए. सपा अध्यक्ष ने बताया कि नंदलाल के नाम का इस्तेमाल कर बीजेपी ने कई फॉर्म 7 (वोट काटने हेतु आपत्ति दर्ज करने वाला फॉर्म) भरे थे. अखिलेश यादव ने कहा, "नंदलाल अंगूठा लगाते हैं, लेकिन बीजेपी ने इनके फर्जी दस्तखत कर फॉर्म भरवाए. हमें द्वापर और त्रेता के नाम वाले लोगों दशरथ और नंदलाल से बहुत मदद मिल गई है." अखिलेश यादव ने इस खुलासे के बाद नंदलाल को समाजवादी पार्टी की तरफ से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की.
अखिलेश ने चुनाव आयोग से बड़ी मांग
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दो प्रमुख मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि आयोग को फॉर्म 7, जिसके माध्यम से किसी के नाम पर आपत्ति दर्ज कर वोट काटा जाता है, उसे भरवाना तुरंत बंद करना चाहिए. अखिलेश यादव ने कहा कि आयोग को सिर्फ 'फॉर्म 6' (नाम जोड़ने वाले फॉर्म) ही भरवाने चाहिए.
'यह SIR नहीं, NRC है'
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जानबूझकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह 'SIR' नहीं बल्कि 'NRC' है, जिसके जरिए एक खास वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है.
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