Imran Masood Statement: उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने है. चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच लगातार सीट बंटवारे को लेकर मतभेद की खबरें आ रही है. इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर बड़ा बयान दिया है. इमरान मसूद ने साफ कहा है कि अगर अखिलेश यादव नाराज हैं, तो इसमें सबसे बड़ा नुकसान उनका ही होगा.
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उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में बड़ा नेतृत्व करना है, तो दिल भी बड़ा करना पड़ेगा. इमरान मसूद ने यूपी में गठबंधन को लेकर कहा है कि इस समय इंडिया गठबंधन को मजबूत रखना सबसे ज्यादा जरूरी है और कांग्रेस व राहुल गांधी के बिना बीजेपी के खिलाफ लड़ना नामुमकिन है.
उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर भी साफ कर दिया है कि कांग्रेस कोई भिखारी नहीं है. कांग्रेस कोई सीट नहीं मांग रही है. इसके साथ ही उन्होंने गठबंधन में कांग्रेस की स्थिति को साफ करते हुए कहा है कि कांग्रेस अपनी पार्टी से कोई समझौता नहीं करेगी.
अखिलेश की नाराजगी पर क्या बोले मसूद?
इमरान मसूद ने कहा कि अगर अखिलेश यादव कांग्रेस से नाराज हैं तो नुकसान उनका ही होगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अगर नेतृत्व करना है तो दिल बड़ा करने की जरूरत है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर उन्हें नाराजगी किस बात की है, यह समझ में नहीं आता है.
मसूद ने कहा कि इस समय सबसे जरूरी है कि इंडिया गठबंधन को मजबूत किया जाए. उनके मुताबिक सभी नेताओं और दलों को साथ लेकर चलने की जरूरत है. उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय भी गठबंधन को लेकर ऐसी ही स्थिति बनी थी और उसके नतीजे सबके सामने हैं.
राहुल गांधी के बिना जीत नामुमकिन
2027 के चुनाव पर बात करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी के बिना बीजेपी के खिलाफ लड़ पाना नामुमकिन है. उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और उन्हीं की अगुवाई में विपक्ष के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है. उन्होंने एक मिसाल देते हुए कहा कि जब समंदर में तूफान आता है, तो बड़ा जहाज ही उसके थपेड़े सह पाता है, जबकि छोटी नावें तो हवा में उड़ जाती हैं.
सीटों के लिए भीख नहीं मांग रही कांग्रेस
सीटों के बंटवारे पर इमरान मसूद ने बेहद तल्ख तेवर दिखाया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी किसी से सीटें नहीं मांग रही है और हम कोई भिखारी नहीं हैं. उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस अपनी पार्टी के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी. इसके बावजूद, कांग्रेस के सभी नेता 2027 के रण में सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव में मजबूती से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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