यूपी में अयोध्या को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चैलेंज पर भाजपा ने पलटवार किया है. योगी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव को सैफई छोड़कर अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि अखिलेश अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं, भाजपा का एक सामान्य कार्यकर्ता भी उनके सामने चुनाव लड़ सकता है.
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दयाशंकर सिंह ने आज तक से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या ही नहीं, देश की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ें तो जीत सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ को जनता का इतना प्यार मिलता है कि देश ही नहीं, दुनिया में उनके नाम की चर्चा होती है.
'इटावा-मैनपुरी छोड़कर कहीं और जाकर लड़ें अखिलेश'
दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वह सैफई से बाहर निकलकर अयोध्या से चुनाव लड़ें. उन्होंने कहा, 'अखिलेश अयोध्या से चुनाव लड़ें, उनके सामने अयोध्या से भारतीय जनता पार्टी का कोई एक कार्यकर्ता भी लड़ जाएगा. एक सामान्य कार्यकर्ता भी लड़ जाएगा.'
मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के नेता इटावा-मैनपुरी जैसे अपने प्रभाव वाले इलाकों से बाहर जाकर चुनाव लड़ने से बचते हैं. उन्होंने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने पर उन्हें अपनी राजनीतिक ताकत का पता चल जाएगा.
राम मंदिर नहीं जाने को लेकर भी साधा निशाना
दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े रुख पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं. मंत्री ने अयोध्या की तुलना मुसलमानों के लिए मक्का-मदीना और ईसाइयों के लिए वेटिकन सिटी से करते हुए कहा कि हिंदुओं के लिए अयोध्या का विशेष महत्व है.
उन्होंने राम मंदिर की तुलना केदारेश्वर मंदिर से किए जाने को भी सनातन धर्म का अपमान बताया. दयाशंकर सिंह ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अतीत में सपा सरकार के दौरान भगवान राम के भक्तों पर गोली चलाई गई थी. उन्होंने कहा कि जिस अयोध्या की बात अखिलेश यादव कर रहे हैं, उसी अयोध्या में उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए.
पहले अखिलेश ने दिया था चैलेंज
अयोध्या में गुरुवार, 8 अक्टूबर को श्रीमद्भागवत कथा के एक कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 2027 के विधानसभा चुनाव में अयोध्या सीट से लड़ने की चुनौती दी थी. कार्यक्रम सपा नेता और अयोध्या से पार्टी के घोषित उम्मीदवार तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के यहां आयोजित हुआ था.
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सपा की ओर से पवन पांडेय को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है, लेकिन उसे अयोध्या में उनके मुकाबले का उम्मीदवार नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपनी लोकप्रियता और दावों को लेकर इतने आश्वस्त हैं, तो उन्हें खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए. अयोध्या का मैदान खुला है.
सपा प्रमुख के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर पलटवार किया. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश के अयोध्या दौरे और राम मंदिर में दर्शन को लेकर सवाल उठाए. अब योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश को ही सैफई छोड़कर अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि भाजपा का एक सामान्य कार्यकर्ता भी अयोध्या में अखिलेश के सामने चुनाव लड़ सकता है.
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