समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों को लेकर नाराजगी जताई है. वाराणसी में उनसे जब धीरेंद्र शास्त्री के विवादित बयानों और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के खिलाफ अपमानजनक बातें करने वालों के कार्यक्रम बंद होने चाहिए.
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अखिलेश ने इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी जिक्र किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोहन यादव को उत्तर प्रदेश से बुलडोजर किराये पर लेकर धीरेंद्र शास्त्री के आश्रम पर भेज देना चाहिए.
अखिलेश से पूछा गया था कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से वह 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कैसे कर रहे हैं. जवाब में उन्होंने काशी में सनातन धर्म और भगवान राम-कृष्ण को लेकर दिए जा रहे बयानों का मुद्दा उठाया. उन्होंने सवाल किया कि बाबा विश्वनाथ की धरती पर इस तरह के बयानों पर सनातनी लोग चुप क्यों हैं.
भगवान राम और कृष्ण के अपमान का आरोप लगाकर घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि सुनने में आ रहा है कि एक बाबा पहले भगवान श्रीकृष्ण का अपमान कर चुके हैं और अब भगवान श्रीराम के पिता को लेकर भी अपमानजनक बातें कही जा रही हैं. उन्होंने सवाल किया कि ऐसे बयानों के बाद सनातनी लोगों का बुलडोजर कहां चला गया? उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम को लेकर इस तरह की बातें करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
काशी विश्वनाथ के दर्शन पर क्या बोले अखिलेश?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव से ओमप्रकाश राजभर के उस बयान को लेकर भी सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अखिलेश बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन नहीं करेंगे.
इस सवाल के जवाब में अखिलेश ने दालमंडी में हुई बुलडोजर कार्रवाई की तस्वीर दिखाई. उन्होंने कहा, "क्या आप ये भूल जाओगे? ये तस्वीर देखो, ये भूलने वाली नहीं है."
अखिलेश ने काशी में प्राथमिक स्कूल बंद होने और मणिकर्णिका घाट से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मां गंगा ने जिन्हें बुलाया था, वे अब मां गंगा को ही भूल गए हैं.
जब उनसे दोबारा पूछा गया कि वह बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने जाएंगे या नहीं, तो अखिलेश ने कहा कि उन्होंने अपने घर पर ही बाबा विश्वनाथ और केदारेश्वर की स्थापना कर रखी है. बिना पूजा किए और हाथ जोड़कर निकले बिना घर से नहीं जाते. उन्होंने कहा कि वह उन लोगों से पूछेंगे जिन्हें वह नकली सनातनी मानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के बारे में वे क्या कह रहे हैं.
धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर क्या है पूरा विवाद?
अखिलेश यादव की नाराजगी के पीछे धीरेंद्र शास्त्री के लगातार सामने आए दो वीडियो हैं. पहला वीडियो मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में रामकथा के दौरान का बताया जा रहा है. इसमें धीरेंद्र शास्त्री भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते नजर आए.
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की मुद्रा और बांसुरी बजाने के अंदाज पर टिप्पणी की थी. वीडियो वायरल होने के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों और कृष्ण भक्तों ने आपत्ति जताई. विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई दी और कहा कि उनका भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करने का इरादा नहीं था. उन्होंने भावनाएं आहत होने पर माफी भी मांगी.
इसके बाद 3 नवंबर को भगवान श्रीराम के पांच पिता होने की बात वाला एक दूसरा वीडियो भी सामने आया. इसमें धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रामजी के पांच पिता थे. इस बयान को लेकर भी विवाद शुरू हो गया. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर नाराजगी जताई और धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने की मांग की.
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