मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को फिर घोषित किया उत्तराधिकारी, यूपी को लेकर भी मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

समर्थ श्रीवास्तव

23 Jun 2024 (अपडेटेड: 23 Jun 2024, 02:38 PM)

Uttar Pradesh News : मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है.

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Uttar Pradesh News : मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है. उन्हें दोबारा बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक भी बना दिया गया  है. मायावती ने रविवार को लखनऊ में बसपा के सभी प्रदेश प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें आकाश आनंद भी मौजूद थे. वहीं बैठक के बाद बाहर आए बसपा नेता डॉक्टर लालजी ने बताया कि, 'मायावती ने आकाश आनंद को वापस नेशनल कोऑर्डिनेटर पद पर बहाल कर दिया है और उत्तराधिकारी भी आकाश बने रहेंगे.'

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बसपा नेता डॉक्टर लालजी ने बताया कि, 'मायावती ने बैठक में कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की अनुशासनहीनता की वजह से आकाश आनंद को बहुत झेलना पड़ा, आप लोगों ने कई जगह उन्हें सही से भाषण नहीं देने दिया. 

यूपी को लेकर मिली ये जिम्मेदारी

बता दें कि आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाकर पूरे देश का जिम्मा दिया गया है. ऐसे में पहली बार उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी आकाश आनंद के कंधों पर आई है. इसके पहले उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया था जबकि उनकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी देश की थी लेकिन इस बार आकाश आनंद उत्तर प्रदेश में पूरा हस्तक्षेप रख सकेंगे. माना जा रहा है अब उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में टिकट बंटवारे से लेकर प्रचार तक का जिम्मा संभालेंगे आकाश आनंद.

आकाश आनंद को पार्टी के परफॉर्मेंस के समीक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई है. सभी कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद को अपनी समीक्षा रिपोर्ट देंगे.सभी दूसरे कोऑर्डिनेटर  भी आकाश आनंद को रिपोर्ट करेंगे.

मायावती ने दी ये हिदायत

जानकारी के मुताबिक आकाश आनंगद को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनने की तैयारी मायावती ने तकरीबन हफ्ते पर पहले ही कर ली थी. बीते 16 जून को आकाश आनंद लखनऊ आए थे, जहां सभी पुरानी बातों को लेकर मायावती ने उनसे चर्चा की. मायावती ने आकाश आनंद को ज्यादा संयमित रहने की हिदायत दी है. माना जा रहा है इस बार टिकट बंटवारे में आकाश आनंद का फीडबैक सबसे अहम होगा.

बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान मायावती ने अपने एक फैसले से सभी को चौंका दिया था. उन्होंने भतीजे आकाश आनंद को 'अपरिपक्‍व' बताकर पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया था. साथ ही उन्हें परिपक्व होने तक अपना उत्तराधिकारी बनाने से भी मना कर दिया था.