‘दो टके...' अजय राय से विवाद के बाद अब ममता चौधरी ने तोड़ी चुप्पी, बताया सबकुछ!

आशीष श्रीवास्तव

• 01:10 PM • 12 Oct 2026

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है. लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस नेता व पार्षद ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हुई हाथापाई को लेकर ममता चौधरी ने अपनी बात रखी है.

ममता चौधरी

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Mamta Chaudhary Interview: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है. लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस नेता व पार्षद ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हुई हाथापाई को लेकर ममता चौधरी ने अपनी बात रखी है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्होंने अजय राय को न तो कोई गाली दी और न ही उन पर सीधे कोई टिप्पणी की. ममता का दावा है कि भीड़ को लेकर कही गई बात को अजय राय ने अपने ऊपर ले लिया और इसके बाद विवाद बढ़ गया. उन्होंने महिलाओं के साथ मारपीट और जूते-चप्पल चलाने पर भी सवाल उठाए हैं.

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‘मैंने अजय राय को कोई टिप्पणी नहीं की’

ममता चौधरी ने इंटरव्यू में कहा कि घटना के बाद तक उन्हें समझ नहीं आया कि उनके साथ हाथापाई क्यों की गई और जूते-चप्पल क्यों चलाए गए. उनके मुताबिक, उनसे ‘अपनी औकात में रहो’ रहने को कहा गया था, जिसके जवाब में उन्होंने भी औकात की बात नहीं करने को कहा. ममता ने उन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने अजय राय को गाली दी, उन्हें कुत्ता कहा या उनका गिरेबान पकड़ा. उनका कहना है कि अब एक वीडियो के आधार पर उनके बयान को अलग तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि उन्होंने अजय राय को सीधे संबोधित करके कोई टिप्पणी नहीं की थी.

‘भीड़ देखकर कहा था कि मुझे देखने का शौक नहीं’

ममता चौधरी ने विवाद की वजह बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय में काफी भीड़ थी और वहां धक्का-मुक्की होने का डर था. उनके मुताबिक वहां मौजूद कुछ लोग लगातार रास्ता खाली करने के लिए कह रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उन्हें भीड़ में जाने या उसे देखने का शौक नहीं है. ममता का दावा है कि यह बात अजय राय के लिए नहीं कही गई थी. उन्होंने कहा कि अगर भीड़ के बीच उनके मुंह से ऐसी बात निकली भी, तो यह कोई ऐसा बड़ा अपराध नहीं था, जिसके जवाब में उनके साथ मारपीट की जाती. उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी बात को इतना बड़ा विवाद क्यों बना दिया गया.

‘पहले गाली देने का आरोप लगाया, अब नई बात कही जा रही’

ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके खिलाफ अलग-अलग आरोप लगाए गए. उन्होंने कहा कि पहले दावा किया गया कि उन्होंने गाली दी, अजय राय को कुत्ता कहा और उनका गिरेबान पकड़ा. अब वीडियो के आधार पर दूसरी बात सामने रखी जा रही है. ममता के मुताबिक, इससे उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो में उनके लिए ‘दो ...’ और ‘दो ....’ और 'र..' जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. उनका कहना है कि महिलाओं के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना गलत है और इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

‘मेरे पास एक वीडियो है, जिसमें मारो-मारो कहा गया’

इंटरव्यू के दौरान ममता चौधरी ने दावा किया कि उनके पास एक अन्य वीडियो आया है, जिसमें अजय राय कथित तौर पर ‘मारो-मारो’ कहते सुनाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह इस फुटेज को सार्वजनिक करेंगी. ममता ने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ हुई मारपीट के पीछे कुछ लोगों की भूमिका थी और उन्हें लगता है कि विवाद को जानबूझकर बढ़ाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ में मौजूद महिलाओं को चोट लगने का खतरा था और कुछ अन्य महिलाएं भी इस घटना में चोटिल हुईं. हालांकि, वीडियो को लेकर उनका दावा है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी इंटरव्यू में नहीं दी गई.

‘पहले कभी अजय राय से अभद्रता नहीं हुई’

ममता चौधरी ने कहा कि अजय राय के प्रदेश अध्यक्ष रहने के दौरान भी उनके बीच कभी अभद्रता नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने पहले कभी अजय राय से बदतमीजी की और न ही अजय राय ने उनसे ऐसा व्यवहार किया था. उनके मुताबिक इस बार किसी गलतफहमी या किसी के द्वारा दी गई जानकारी के कारण विवाद बढ़ा हो सकता है. ममता ने कहा कि अजय राय को प्रतिक्रिया देने से पहले उनसे सीधे पूछ लेना चाहिए था कि क्या उन्होंने उनके लिए कोई टिप्पणी की है. उनका दावा है कि ऐसा करने पर स्थिति स्पष्ट हो सकती थी और विवाद इतना नहीं बढ़ता.

‘प्रभारी जी के सामने अपनी बात रखेंगे’

ममता चौधरी ने कहा कि वह इस मामले को कांग्रेस के प्रभारी के सामने रखेंगी. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी बात को लेकर गलतफहमी थी, तो उनसे बातचीत करके उसे दूर किया जा सकता था. उनके मुताबिक, किसी महिला पर बेवजह जूता-चप्पल चलाना, धक्का देना या कॉलर पकड़ना उचित नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना में उन्हें और कुछ अन्य लोगों को निशाना बनाया गया. ममता ने इसे दलित विरोधी प्रतिक्रिया बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की. फिलहाल, इस पूरे मामले में उनके आरोपों और अजय राय के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है. कांग्रेस के भीतर हुए इस विवाद पर अब पार्टी नेतृत्व के रुख का इंतजार है.

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