यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अजय राय का बड़ा बयान, बोले- 'मैं जनेऊ वाला ब्राह्मण हूं'

यूपी तक

03 Oct 2026 (अपडेटेड: 03 Oct 2026, 03:23 PM)

यूपी कांग्रेस में बदलाव के बाद अजय राय ने कैमरे पर जनेऊ दिखाकर खुद को सच्चा ब्राह्मण बताया और कहा कि वे राहुल गांधी के हनुमान हैं. क्या है आराधना मिश्रा और नई टीम के जातीय समीकरण?

Ajay Rai

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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए अजय राय की जगह वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा को यूपी कांग्रेस की कमान सौंपी है. इस बदलाव के बाद नए जातीय और सामाजिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. पद से हटाए जाने के बाद अजय राय ने कैमरे के सामने अपना जनेऊ दिखाते हुए कहा कि वे खुद जनेऊधारी ब्राह्मण हैं और दिखावा नहीं करते. उन्होंने कहा कि उनके रिश्ते हर समाज से हैं. चाहे वह ब्राह्मण हों, मुस्लिम, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े या निषाद समाज हो. अजय राय ने स्पष्ट किया कि पार्टी में सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की कोशिश की जा रही है और वे सब मिलकर कांग्रेस को और मजबूत करेंगे.

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अजय राय ने पार्टी छोड़ने या नाराजगी की अटकलों को खारिज करते हुए अपनी छाती खोलकर दिखाई और खुद को राहुल गांधी का 'हनुमान' बताया. उन्होंने कहा, "मुझसे ना तो इस्तीफा मांगा गया और ना ही पार्टी ने कोई दबाव बनाया. यह राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्देश है और मैं इसका पूरी तरह से पालन करता हूं. मुझे मोदी से लड़ने को कहा गया तो मैं छाती खोलकर लड़ा. मैं राहुल गांधी का हनुमान हूं, वे जहां कहेंगे, वहां निश्चित तौर पर लंका दहन कर दूंगा. राहुल जी से मेरा एक भाई का रिश्ता है जो आखिरी सांस तक रहेगा." बता दें कि 17 अगस्त 2023 को प्रदेश अध्यक्ष बनने वाले अजय राय के कार्यकाल में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने राज्य में 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जो 2009 के बाद पार्टी का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना गया.

कांग्रेस की नई राज्य टीम में 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए व्यापक 'सोशल इंजीनियरिंग' की झलक दिखाई दे रही है. पार्टी ने जहां आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पारंपरिक ब्राह्मण वोटबैंक को साधने की कोशिश की है, वहीं पश्चिमी यूपी के प्रमुख मुस्लिम चेहरे इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा, दलित और अंबेडकरवादी नेता राजेंद्र पाल गौतम को पहले ही प्रदेश प्रभारी बनाया जा चुका है, जबकि पासी समाज से आने वाले आलोक प्रसाद और निषाद समाज के देवेंद्र निषाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. इस तरह कांग्रेस ने संगठन में दलित, मुस्लिम, ब्राह्मण और पिछड़े वर्गों का संतुलन बनाने का प्रयास किया है.

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