वाराणसी में सोमवार को कचहरी चौराहे के पास अचानक बुलडोजर और पोकलेन मशीनों की आवाज सुनाई देने लगी. सड़क के किनारे खड़ी 10 इमारतों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई तो कई लोग अपने घर और दुकानों से सामान निकालते नजर आए. कुछ भवनों पर लोगों ने खुद हथौड़े चलाकर निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया.
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कार्रवाई कचहरी चौराहे के पास के मुस्लिम बहुल इलाके में हुई, जहां सड़क चौड़ीकरण का काम लंबे समय से चल रहा है. मौके पर एक साथ छह बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन लगाई गई. प्रशासन की कार्रवाई से सड़क पर आवाजाही भी प्रभावित हुई, जिससे कचहरी जाने वाले वकीलों में नाराजगी देखने को मिली.
10 किलोमीटर की सड़क में सिर्फ 300 मीटर का काम बाकी
दरअसल, संदहा से कचहरी चौराहे तक करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा किया जा रहा है. परियोजना का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है. अब पुलिस लाइन से कचहरी चौराहे के बीच करीब 300 मीटर का हिस्सा बाकी है.
इसी हिस्से में सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आने वाली 10 इमारतों को वाराणसी नगर निगम ने जर्जर घोषित किया था. अब इन्हीं भवनों को हटाया जा रहा है, ताकि बचे हुए हिस्से में सड़क का काम आगे बढ़ाया जा सके.
कुछ लोगों ने खुद शुरू किया भवन तोड़ना
कार्रवाई शुरू होने के बाद कई लोग अपने घरों और दुकानों से सामान बाहर निकालते दिखे. कुछ भवनों में लोगों ने खुद ही हथौड़े से निर्माण का हिस्सा तोड़ना शुरू कर दिया. इसके बाद मशीनों से बाकी हिस्से को हटाने का काम किया गया.
मौके पर बड़ी संख्या में मशीनें लगाए जाने से इलाके में हलचल रही और सड़क पर आने-जाने वालों को भी परेशानी हुई.
अक्टूबर के अंत तक सड़क पूरी करने का लक्ष्य
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह के मुताबिक, संदहा से कचहरी चौराहे तक प्रस्तावित 10 किलोमीटर की सड़क में अब केवल 300 मीटर का हिस्सा बचा है. उनके अनुसार सड़क चौड़ीकरण में बाधा बने 10 मकान जर्जर हालत में थे और इन्हें डिस्मेंटल किया जा रहा है.
केके सिंह ने कहा कि डिस्मेंटलिंग का काम सोमवार को ही पूरा करने का लक्ष्य है. पूरी सड़क चौड़ीकरण परियोजना की लागत करीब 250 करोड़ रुपये बताई गई है. इसमें अब तक 80 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर वितरित किए जा चुके हैं. पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य अक्टूबर के अंत तक सड़क निर्माण का काम पूरा करने का है.
कार्रवाई के तरीके पर वकीलों ने जताई नाराजगी
हालांकि, कार्रवाई के दौरान कचहरी जाने वाली सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई. इससे वकीलों में नाराजगी देखने को मिली. कुछ वकीलों ने मौके पर कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे मनमानी बताया.
सड़क चौड़ीकरण परियोजना का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और अब आखिरी 300 मीटर हिस्से को खाली कराने की कार्रवाई चल रही है. विभाग का कहना है कि 10 जर्जर भवन इस हिस्से में सड़क चौड़ीकरण में बाधा बने थे. इन इमारतों के हटने के बाद बचे हुए हिस्से का निर्माण आगे बढ़ सकेगा.
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